प्रस्तावना: विदिशा जिला पंचायत की सामान्य सभा की बैठक का आयोजन ग्रामीण क्षेत्रों के विकास, जनता से जुड़ी मूलभूत समस्याओं के समाधान और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत की समीक्षा के लिए स्थानीय निकायों की बैठकें अत्यंत महत्वपूर्ण होती हैं। इसी क्रम में मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में जिला पंचायत की सामान्य सभा की एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक जिला पंचायत सभागार में गुरुवार को संपन्न हुई, जिसकी अध्यक्षता विदिशा जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती गीता कैलाश रघुवंशी ने की। इस बैठक में विदिशा जिले के समग्र विकास, ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विस्तार और जनहित से जुड़े कई संवेदनशील मुद्दों पर विस्तार से और गंभीर मंथन किया गया। बैठक की शुरुआत में ही अध्यक्ष ने अपने कड़े तेवर दिखाते हुए यह स्पष्ट कर दिया कि विदिशा जिले के विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या कोताही को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बैठक में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति विदिशा जिला पंचायत सभागार में आयोजित इस सामान्य सभा की बैठक में प्रशासनिक और राजनीतिक तालमेल का बेहतरीन उदाहरण देखने को मिला। बैठक की अध्यक्षता कर रही जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती गीता कैलाश रघुवंशी के साथ-साथ विदिशा जिला पंचायत के उपाध्यक्ष और सभी सम्मानित सदस्यगण इस बैठक में उपस्थित रहे। इसके अलावा, विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी भी बड़ी संख्या में बैठक में मौजूद रहे, ताकि जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए सवालों और मुद्दों का तुरंत जवाब दिया जा सके और आवश्यक दिशा-निर्देश नोट किए जा सकें। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की इस संयुक्त उपस्थिति का मुख्य उद्देश्य विदिशा जिले में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों की गति को तेज करना और आपसी समन्वय को बेहतर बनाना था।
नल-जल योजना के दौरान क्षतिग्रस्त सड़कों पर अध्यक्ष की कड़ी नाराजगी बैठक के दौरान सबसे बड़ा और प्रमुख मुद्दा ग्रामीण क्षेत्रों में चल रही नल-जल योजनाओं के कारण सड़कों की बदहाली का रहा। विदिशा जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती गीता कैलाश रघुवंशी ने नल-जल योजनाओं के निर्माण कार्यों के दौरान ग्राम पंचायतों में खोदी गई और उसके बाद टूटी-फूटी छोड़ी गई सड़कों की मरम्मत में हो रही अत्यधिक देरी पर अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने बैठक में मौजूद सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को बहुत ही कड़े शब्दों में निर्देश दिए कि जिन-जिन ग्रामीण क्षेत्रों में पाइपलाइन बिछाने अथवा अन्य तकनीकी कार्यों के कारण सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं, उनकी मरम्मत का कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर हर हाल में पूरा किया जाना चाहिए। सड़कों की खराब स्थिति के कारण विदिशा के ग्रामीण इलाकों के आम नागरिकों को हो रही परेशानियों को अध्यक्ष ने बेहद गंभीरता से लिया।
लापरवाही बरतने वाले विभागों पर एफआईआर (FIR) दर्ज करने के स्पष्ट निर्देश सड़क मरम्मत के मामले में विभागों की सुस्ती को देखते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती गीता कैलाश रघुवंशी ने एक बहुत ही सख्त और कड़ा कदम उठाने की चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि किसी भी विभाग या संबंधित एजेंसी द्वारा सड़क मरम्मत के कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बरती जाती है, तो उनके खिलाफ तुरंत पुलिस में प्रकरण दर्ज यानी एफआईआर (FIR) कराने की कार्रवाई की जाए। अध्यक्ष के इस कड़े निर्देश से प्रशासनिक अमले में हड़कंप सा मच गया है। यह आदेश इस बात का प्रमाण है कि विदिशा प्रशासन अब ग्रामीण बुनियादी ढांचे को दुरुस्त करने के मामले में किसी भी प्रकार की हीला-हवाली सहन करने के मूड में नहीं है।
शासकीय कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों की सहभागिता और सम्मान पर जोर ग्रामीण विकास और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए यह आवश्यक है कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों को पूरी जानकारी हो और उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। इस महत्वपूर्ण बिंदु पर ध्यान केंद्रित करते हुए अध्यक्ष श्रीमती रघुवंशी ने निर्देश दिए कि विदिशा जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित होने वाले सभी शासकीय कार्यक्रमों की सूचना संबंधित क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्यों एवं अन्य जनप्रतिनिधियों को समय पर दी जानी चाहिए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि इन कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों को सम्मानपूर्वक आमंत्रित किया जाए। ऐसा करने से न केवल स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सहभागिता मजबूत होगी, बल्कि विदिशा जिले में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और जनता के बीच बेहतर समन्वय भी स्थापित हो सकेगा।
पिछली बैठकों के निर्णयों की समीक्षा और एजेंडे पर विस्तृत चर्चा बैठक की औपचारिक शुरुआत में पिछली सामान्य सभा की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों के अनुपालन प्रतिवेदन को सदन के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इस प्रतिवेदन पर सभी सदस्यों ने बारीकी से चर्चा की और अपने बहुमूल्य सुझाव दिए, ताकि पूर्व के कार्यों में यदि कोई कमी रह गई हो तो उसे सुधारा जा सके। इसके बाद नवीन एजेंडे के विभिन्न बिंदुओं को क्रमवार रखा गया और विभागवार इनकी गहन समीक्षा की गई। विदिशा जिले में चल रहे विकास कार्यों की वर्तमान प्रगति, विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन तथा पंचायत स्तर पर आ रही विभिन्न प्रकार की व्यावहारिक समस्याओं पर सदन में विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए मुद्दों का समयबद्ध निराकरण सामान्य सभा की इस बैठक में विदिशा जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की जनता से जुड़ी समस्याओं और मुद्दों को प्रमुखता के साथ उठाया। जनप्रतिनिधियों द्वारा रखे गए इन सभी मुद्दों और शिकायतों को संबंधित अधिकारियों ने नोट किया। जिला पंचायत अध्यक्ष ने इन सभी मामलों में संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे त्वरित कार्रवाई करें और एक निश्चित समय-सीमा के भीतर इन समस्याओं का संतोषजनक निराकरण सुनिश्चित करें। अध्यक्ष ने दोहराया कि शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ विदिशा जिले के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक समय पर पहुंचना चाहिए, और इसमें किसी भी प्रकार की उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी।
जिला पंचायत सीईओ श्री ओपी सनोडिया के निर्देश और पेयजल प्रावधान बैठक के दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) श्री ओपी सनोडिया ने भी अधिकारियों को कड़े प्रशासनिक निर्देश दिए। सीईओ श्री सनोडिया ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि बैठक के दौरान जितने भी निर्णय लिए गए हैं, उन्हें बिना किसी विलंब के तय समय-सीमा में पूर्ण कराया जाए। उन्होंने बैठक में एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया कि नए प्रावधानों के तहत अब पेयजल संबंधी सभी नए कार्य सीधे ग्राम पंचायतों के माध्यम से संपादित किए जाएंगे। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पूर्व के जो पेयजल संबंधी कार्य अधूरे पड़े हैं, उन्हें पूरा करने की जिम्मेदारी संबंधित पूर्व विभाग या पुरानी एजेंसी की ही होगी, जिसे उन्हें समय पर पूरा करना होगा।
पेयजल के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और खाद्यान्न वितरण की समीक्षा विदिशा जिले की इस व्यापक बैठक में केवल सड़कों और नल-जल योजनाओं तक ही चर्चा सीमित नहीं रही, बल्कि ग्रामीण जीवन से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं पर भी बात हुई। बैठक में पेयजल व्यवस्थाओं के साथ-साथ शिक्षा की गुणवत्ता, स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति और ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्यान्न वितरण व्यवस्थाओं की भी गहन समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे यह सुनिश्चित करें कि विद्यालयों में शिक्षा का स्तर बेहतर हो, स्वास्थ्य केंद्रों पर दवाइयां और सुविधाएं उपलब्ध रहें तथा राशन दुकानों से गरीबों को समय पर राशन मिल सके। ग्रामीण विकास के इन सभी आयामों को एक साथ जोड़कर देखने से विदिशा जिले की प्रशासनिक कार्यप्रणाली में सुधार की उम्मीद बधी है।
उत्कृष्ट विद्यालय, मॉडल स्कूल और छात्रावासों के संचालन हेतु निर्देश बैठक के अंतिम चरण में शिक्षा और विद्यार्थियों के कल्याण से जुड़े एक अन्य महत्वपूर्ण विषय पर विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए। विदिशा जिले के जिला उत्कृष्ट विद्यालय, मॉडल स्कूल, 200 सीटर बालिका छात्रावास तथा दिव्यांग छात्रावास के सुचारू संचालन के संबंध में विस्तार से चर्चा हुई। इसके साथ ही राज्य बजट से संचालित होने वाले बालक और बालिका छात्रावासों के संचालन के लिए भी स्पष्ट निर्देश दिए गए। यह सभी निर्देश विशेष रूप से कक्षा 9वीं से लेकर 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए बनाए गए छात्रावासों और विद्यालयों पर लागू होते हैं। अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि इन सभी संस्थानों में निर्धारित संचालन निर्देशिका (Guidelines) का पूरी कड़ाई के साथ पालन किया जाए, ताकि विदिशा के छात्र-छात्राओं को बेहतर शैक्षणिक और आवासीय माहौल मिल सके।
Image Source : https://vidisha.mpinfo.org
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