मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में जिला प्रशासन द्वारा जनसामान्य की समस्याओं के प्रभावी और त्वरित समाधान के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में, विदिशा स्थित कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित साप्ताहिक 'जनसुनवाई' कार्यक्रम नागरिकों की शिकायतों के निवारण का एक सशक्त मंच बनकर उभरा है। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं को सीधे सुनना और उन्हें प्रशासनिक स्तर पर तत्काल हल प्रदान करना है, ताकि उन्हें बार-बार कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें।

हाल ही में आयोजित हुई इस जनसुनवाई में विदिशा जिले के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में नागरिक अपनी व्यक्तिगत और सार्वजनिक समस्याओं को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता की अध्यक्षता में संपन्न हुए इस कार्यक्रम में कुल 303 आवेदकों ने अपने आवेदन प्रस्तुत किए। इन आवेदनों में राजस्व, सामाजिक न्याय, विद्युत विभाग, पेयजल आपूर्ति, पेंशन योजनाएं, भूमि संबंधी विवाद, प्रधानमंत्री आवास योजना और अन्य महत्वपूर्ण जनहितकारी विषयों से जुड़ी समस्याएं शामिल थीं।

303 आवेदनों पर सुनवाई और 193 का मौके पर ही समाधान

कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता ने अत्यंत गंभीरता और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए जनसुनवाई में आए प्रत्येक आवेदक की बात धैर्यपूर्वक सुनी। कार्यक्रम की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि प्राप्त कुल 303 आवेदनों में से 193 आवेदनों का निराकरण मौके पर ही अधिकारियों द्वारा सुनिश्चित कर दिया गया। समस्याओं का तत्काल समाधान होते देख आवेदकों के चेहरे खिल उठे और वे संतोष के साथ अपने घरों को लौटते हुए दिखाई दिए।

जनसुनवाई के दौरान अपर कलेक्टर श्री अनिल कुमार डामोर के साथ जिले के विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी भी उपस्थित थे। प्रशासन ने आवेदकों के लिए एक व्यवस्थित पंक्तिबद्ध प्रणाली (Queue System) लागू की थी, जिससे भीड़ को नियंत्रित करने और प्रत्येक आवेदक को पर्याप्त समय देने में मदद मिली। अधिकारियों ने आवेदनों को प्राप्त कर तत्काल संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए और यह सुनिश्चित किया कि प्रक्रिया में कोई अनावश्यक विलंब न हो।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से धरातल पर क्रियान्वयन

विदिशा प्रशासन की कार्यशैली में इस बार एक नया आयाम देखने को मिला। कलेक्टर श्री गुप्ता ने जनसुनवाई कक्ष में बैठकर ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के जरिए जिले के विभिन्न अनुभागों और खंड स्तरीय अधिकारियों से सीधा संवाद स्थापित किया। उन्होंने मौके पर ही संबंधित एसडीएम और तहसीलदारों को निर्देशित किया कि आवेदकों की समस्याओं का निराकरण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।

जनसुनवाई में लिए गए कुछ प्रमुख प्रशासनिक निर्णयों का विवरण निम्नलिखित है:

  • राजस्व कार्य में तत्परता: लटेरी के ग्राम अलीगढ़ कोटरा के आवेदक श्री किशन सिंह अहिरवार की भूमि से जुड़े नामांतरण प्रकरण को लेकर लटेरी एसडीएम को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि यह कार्य एक दिवस के भीतर पूर्ण कर प्रशासन को सूचित किया जाए।

  • सीमांकन में तेजी: सिरोंज तहसील के ग्राम मोहम्मद नगर निवासी श्री कंछेदी पुत्र हरिचंद लोधी ने ईटीएस मशीन के माध्यम से अपनी भूमि के सीमांकन का आग्रह किया था। इस पर प्रशासन ने त्वरित संज्ञान लेते हुए सिरोंज एसडीएम को निर्देश दिए कि आगामी बुधवार तक पटवारी के माध्यम से यह सीमांकन कार्य अनिवार्य रूप से पूरा कराया जाए।

  • त्रुटि सुधार की त्वरित पहल: शमशाबाद तहसील के ग्राम सतपाडाहाट के आवेदक श्री संतोष और सांवरिया ने अवगत कराया कि उनकी 'किसान आईडी' में गलत खसरा नंबर दर्ज हो गए हैं। कलेक्टर ने इसे गंभीरता से लेते हुए मौके पर ही तकनीकी त्रुटि सुधार के निर्देश संबंधित विभाग को दिए।

  • आवास और खाद्यान्न सुरक्षा: ग्यारसपुर के ग्राम लखूली के आवेदक श्री दिनेश नाथ को प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत सर्वे प्रक्रिया की जानकारी दी गई। वहीं, विदिशा तहसील के ग्राम हरूखेड़ी के श्री फूल सिंह अहिरवार के आवेदन पर उनकी बहू और नातिन का नाम खाद्यान्न पर्ची में जोड़ने के लिए जनपद सीईओ, जीएसएस और सचिव को पात्रतानुसार शीघ्र कार्रवाई करने के आदेश दिए गए।

  • पेंशन और सामाजिक सुरक्षा: पीपलखेड़ा की आवेदिका तुलसाबाई प्रजापति द्वारा वृद्धावस्था पेंशन के लिए प्रस्तुत आवेदन पर मौके पर ही पात्रता जांची गई और आवश्यक कार्यवाही पूर्ण की गई। इसी प्रकार, ग्यारसपुर के ग्राम लखूली और अन्य क्षेत्रों से आए आवेदनों पर भी संवेदनशीलता दिखाई गई।

  • अतिक्रमण और सरकारी भूमि: ग्राम गुरारिया हवेली के श्री श्रीराम किरार ने शासकीय नाले एवं नगरीय स्कूल की भूमि पर अवैध अतिक्रमण की शिकायत की थी। कलेक्टर ने इसे जनहित का मुद्दा मानते हुए तहसीलदार को तत्काल मौके पर जाकर अतिक्रमण मुक्त कराने के निर्देश दिए।

  • पट्टा संबंधी दस्तावेज: बासौदा वार्ड क्रमांक-09 के निवासी श्री नंद सिंह अहिरवार को आवास पट्टे की प्रमाणित प्रतिलिपि उपलब्ध कराने हेतु नगरपालिका अधिकारी को निर्देशित किया गया।

  • दिव्यांगजन सहायता: ग्राम पिथौली की आवेदिका प्रियंका राजपूत द्वारा दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत मिलने वाली राशि के विलंब पर की गई शिकायत का संज्ञान लिया गया। सामाजिक न्याय विभाग के अधिकारी को निर्देश दिए गए कि दिव्यांग दंपति को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि का आवंटन यथाशीघ्र सुनिश्चित किया जाए।

प्रशासन का बढ़ता विश्वास और भविष्य की रूपरेखा

विदिशा जिले में जनसुनवाई कार्यक्रम अब केवल एक औपचारिकता न रहकर नागरिकों की समस्याओं के समाधान का एक अत्यंत प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है। अपर कलेक्टर और जिला अधिकारियों की मौजूदगी में हुए इस कार्यक्रम में यह स्पष्ट हुआ कि यदि प्रशासन संवेदनशीलता के साथ कार्य करे, तो जटिल से जटिल समस्याओं का निपटारा भी समय सीमा के भीतर किया जा सकता है।

कार्यक्रम के समापन पर विदिशा एसडीएम श्री क्षितिज शर्मा, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती दीपाश्री काशवानी एवं अन्य जिलाधिकारी मौजूद रहे। जिला प्रशासन का मानना है कि इस प्रकार की सक्रियता से आम नागरिकों और सरकार के बीच का फासला कम होता है और प्रशासन के प्रति जनता का विश्वास सुदृढ़ होता है। विदिशा कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी जनसुनवाई के माध्यम से प्राप्त होने वाले हर आवेदन की मॉनिटरिंग की जाएगी और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि 'त्वरित निराकरण' का यह संकल्प धरातल पर पूरी तरह सफल हो।

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