मध्यप्रदेश में पर्यावरण संरक्षण और जल संवर्धन की दिशा में चलाए जा रहे 'जल गंगा संवर्धन अभियान' का मंगलवार को भव्य समापन हुआ। विदिशा जिले के अटल पार्क में आयोजित इस राज्य स्तरीय समापन समारोह में मध्यप्रदेश के परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने मुख्य अतिथि के रूप में सहभागिता की। यह अभियान, जो 19 मार्च से शुरू होकर 30 जून तक अनवरत रूप से संचालित किया गया, जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने और जनभागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हुआ है। विदिशा जिले में इस अभियान के तहत किए गए कार्यों ने न केवल जल संरक्षण का संदेश दिया, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित और हरित भविष्य की नींव भी रखी है।
जल गंगा संवर्धन अभियान: एक ऐतिहासिक जन-अभियान
कार्यक्रम के दौरान मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन करते हुए इस अभियान की सफलता का श्रेय प्रदेश की जनता, जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और मैदानी अमले को दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में विदिशा सहित पूरे मध्यप्रदेश में जल संरक्षण के क्षेत्र में जो कार्य हुए हैं, वे देशभर में अनुकरणीय हैं।
अभियान के अंतर्गत विदिशा जिले में प्राचीन जल स्रोतों, जैसे बावड़ियों, कुओं और तालाबों का न केवल जीर्णोद्धार किया गया, बल्कि नए जल स्रोतों के निर्माण पर भी विशेष बल दिया गया। मंत्री श्री सिंह ने स्पष्ट किया कि 30 जून को हुआ यह समापन मात्र एक औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह एक विराम है। जल संरक्षण का कार्य एक सतत प्रक्रिया है जो आने वाले वर्षों में और अधिक व्यापक रूप में जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि जल गंगा संवर्धन अभियान ने आम नागरिकों को यह सिखाया है कि जल ही जीवन है और हमारी प्राचीन जल धरोहरों को संवारना हमारी साझा जिम्मेदारी है।
पर्यावरण की सुरक्षा: 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान
जल संरक्षण के साथ-साथ विदिशा में पर्यावरण संतुलन बनाने के लिए 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान को भी बड़े स्तर पर क्रियान्वित किया गया। मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने अटल पार्क में आम का पौधा लगाकर उपस्थित नागरिकों को यह संदेश दिया कि प्रत्येक व्यक्ति को अपनी मां के सम्मान में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए।
उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि पौधरोपण केवल एक सरकारी अभियान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षा कवच है। वृक्षों के बिना भविष्य की कल्पना करना असंभव है, इसलिए प्रत्येक नागरिक का यह नैतिक दायित्व है कि वह न केवल पौधे लगाए, बल्कि उनके जीवित रहने और बड़े होने तक उनकी सुरक्षा भी सुनिश्चित करे। कार्यक्रम में उपस्थित अन्य जनप्रतिनिधियों, कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता, पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी और विभागीय अधिकारियों ने भी विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपित किए।
शिक्षा के क्षेत्र में मध्यप्रदेश की नई उड़ान
विदिशा के इस कार्यक्रम में मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने शिक्षा विभाग की आगामी कार्ययोजनाओं पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश आज देश के अग्रणी शैक्षिक राज्यों में शामिल हो गया है। एक जुलाई से शुरू होने वाले नए शैक्षणिक सत्र के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। प्रदेश के हर शासकीय विद्यालय में विद्यार्थियों को समय पर पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराई जाएंगी।
शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर उन्होंने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं:
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निःशुल्क सुविधाएं: शासकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों को निःशुल्क पुस्तकें, साइकिल और यूनिफॉर्म के साथ जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ निरंतर दिया जा रहा है।
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आधुनिक शिक्षा प्रणाली: सांदीपनि विद्यालय, मॉडल स्कूल, एक्सीलेंस स्कूल तथा नवोदय विद्यालयों के माध्यम से निजी स्कूलों की तर्ज पर शिक्षा दी जा रही है।
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स्मार्ट क्लास का विस्तार: आधुनिक शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रदेशभर में 10 हजार स्मार्ट क्लास प्रारंभ करने की तैयारी युद्ध स्तर पर चल रही है।
मंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित और समृद्ध राष्ट्र बनाने का संकल्प युवाओं के कंधों पर है। आज की युवा पीढ़ी ही देश का नेतृत्व करेगी, इसलिए शिक्षा के क्षेत्र में आधुनिक संसाधनों का उपयोग आवश्यक है।
उत्कृष्ट कार्यों का सम्मान और आभार
विदिशा जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान को सफल बनाने में जिन प्रशासनिक अधिकारियों, सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने उत्कृष्ट योगदान दिया, उन्हें इस अवसर पर सम्मानित किया गया। मंत्री श्री सिंह ने मंच से इन 'जल योद्धाओं' को प्रमाण पत्र प्रदान कर उनका अभिनंदन किया।
कार्यक्रम में जिले के आला अधिकारी, जिनमें कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता, पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी, जिला पंचायत सीईओ श्री ओपी सनोडिया, एसडीएम श्री क्षितिज शर्मा सहित अनेक विभागों के अधिकारी-कर्मचारी और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। सभी ने विदिशा को हरित और स्वच्छ बनाने के लिए संकल्प लिया।
निष्कर्ष: एक नई दिशा की ओर विदिशा
विदिशा में संपन्न हुआ यह कार्यक्रम इस बात का प्रतीक है कि जब प्रशासन और जनता एक साथ आते हैं, तो बड़े बदलाव संभव हैं। जल संरक्षण और शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे ये नवाचार विदिशा को मध्यप्रदेश के अन्य जिलों के लिए एक प्रेरणा स्रोत बनाते हैं। मंत्री श्री सिंह का स्पष्ट संदेश था कि आने वाला समय सतत विकास का है, जिसमें जल, जंगल और ज्ञान (शिक्षा) का संतुलन ही समाज को प्रगति के पथ पर ले जाएगा। विदिशा जिले की इस पहल ने निश्चित रूप से एक नई ऊर्जा का संचार किया है।
image source : https://vidisha.mpinfo.org
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