विदिशा, 24 मई 2026 मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में सड़क सुरक्षा और यात्री सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिला परिवहन विभाग द्वारा एक व्यापक और सख्त विशेष जांच अभियान का संचालन किया गया है। परिवहन आयुक्त के कड़े निर्देशों के अनुपालन में, जिला परिवहन अधिकारी श्री गिरिजेश वर्मा के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक परिवहन और मालवाहक वाहनों में सुरक्षा मानकों के उल्लंघन को रोकना और नियमों का पालन सुनिश्चित करना है।
विदिशा में सघन चेकिंग अभियान के मुख्य बिंदु
इस विशेष अभियान के दौरान परिवहन विभाग की टीमों ने पूरे जिले में सघन चेकिंग की। कार्रवाई के मुख्य विवरण निम्नलिखित हैं:
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प्रमुख क्षेत्र: यह चेकिंग अभियान मुख्य रूप से ग्यारसपुर, बासौदा, कुरवाई और अशोकनगर रोड पर संचालित किया गया। इन मार्गों पर गुजरने वाले यात्री बसों और भारी वाहनों की बारीकी से जांच की गई।
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नियमों का उल्लंघन: जांच अभियान के दौरान कुल 24 वाहनों को नियमों का उल्लंघन करते हुए पाया गया। इन वाहनों पर मोटर वाहन अधिनियम के तहत सख्त चालानी कार्रवाई की गई है।
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शमन शुल्क की वसूली: नियमों को ताक पर रखने वाले वाहन मालिकों पर आर्थिक दंड भी लगाया गया। कुल 15 वाहनों से एक लाख 28 हजार रुपये का शमन शुल्क (कंपाइंडिंग फीस) वसूला गया। इसमें 8 यात्री बसों से वसूले गए 24 हजार रुपये भी शामिल हैं।
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वाहन जब्ती: विभिन्न गंभीर अनियमितताओं के चलते कुल 9 वाहनों को परिवहन विभाग द्वारा जब्त किया गया। इन जब्त वाहनों को सुरक्षा की दृष्टि से स्थानीय पुलिस थानों, जिनमें ग्यारसपुर, कुरवाई, करारिया शामिल हैं, और जिला परिवहन कार्यालय में सुरक्षित रखा गया है।
विदिशा में सुरक्षा मानकों के प्रति कड़ाई
यात्री बसों में सुरक्षा मानकों का सही होना अत्यंत आवश्यक है। इस अभियान के दौरान परिवहन विभाग ने सुरक्षा मानकों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता न करने का संकल्प दोहराया है। जांच के दौरान सामने आई प्रमुख खामियां इस प्रकार हैं:
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फिटनेस निरस्त: एक यात्री बस की जांच के दौरान उसमें सुरक्षा मानकों में गंभीर खामियां पाई गईं। सुरक्षा से संबंधित नियमों को पूरा न करने के कारण परिवहन विभाग ने तत्काल प्रभाव से उक्त बस का फिटनेस प्रमाणपत्र निरस्त कर दिया है।
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ओवर-एज वाहनों पर कार्रवाई: नियमों के अनुसार एक निश्चित समय सीमा के बाद वाहनों का संचालन प्रतिबंधित है। जांच के दौरान 15 वर्ष से अधिक पुरानी एक बस को संचालन में पाया गया। विभाग ने इसे तुरंत जब्त कर लिया और पुलिस थाना कुरवाई में खड़ा करा दिया गया है।
जिला परिवहन अधिकारी की चेतावनी
जिला परिवहन अधिकारी श्री गिरिजेश वर्मा ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि यात्री सुरक्षा को सुनिश्चित करने का एक निरंतर प्रयास है। उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान यात्री बसों के अलावा डंपर और अन्य भारी वाहनों की भी गहन जांच की गई ताकि सड़क पर नियमों का अनुपालन शत-प्रतिशत सुनिश्चित हो सके।
परिवहन विभाग ने यह स्पष्ट संकेत दिया है कि भविष्य में भी जिले भर में इस तरह के विशेष जांच अभियान लगातार जारी रहेंगे। विभाग ने बस संचालकों और वाहन मालिकों को यह चेतावनी दी है कि वे अपने वाहनों के फिटनेस प्रमाणपत्र, बीमा, परमिट और अन्य अनिवार्य दस्तावेजों को अद्यतन रखें और सुरक्षा मानकों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें। यदि कोई भी वाहन सुरक्षा मानकों के विपरीत पाया जाता है, तो विभाग द्वारा नियमानुसार सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
इस अभियान से जिले में अवैध रूप से संचालित और अनफिट वाहनों पर अंकुश लगने की उम्मीद है, जिससे आम यात्रियों की सुरक्षा और सड़क अनुशासन में सुधार आएगा।
Image Source: gemini ai

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