छिरारी ग्राम पंचायत की गौशाला में भारी अनियमितताएँ, औचक निरीक्षण में खुली पोल

 

रहली — सागर ज़िले की रहली जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत छिरारी में संचालित एक गौशाला में गंभीर प्रशासनिक और प्रबंधन संबंधी अनियमितताएँ सामने आई हैं। यह खुलासा अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) कुलदीप परासर, जनपद पंचायत के सीईओ आर. जी. अहिरवार और जनपद पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि सुरेश कपश्या द्वारा किए गए औचक निरीक्षण के दौरान हुआ।

 

अधिकारियों के निरीक्षण में पाया गया कि गोपाल जी स्व-सहायता समूह द्वारा संचालित यह गौशाला 100 पशुओं की क्षमता वाली बताई गई है, लेकिन मौके पर ताला लगा मिला। ताला खुलवाने के बाद भीतर केवल टैग लगी सात गायें मौजूद पाई गईं। इनमें से एक गाय प्रसव पीड़ा से तड़पती हुई मिली, जिससे पशुओं की देखरेख और स्वास्थ्य प्रबंधन में गंभीर लापरवाही उजागर हुई।

 

निरीक्षण के समय न तो गौशाला का संचालक उपस्थित था और न ही चौकीदार। एसडीएम सहित निरीक्षण दल को करीब एक घंटे तक गौशाला के बाहर प्रतीक्षा करनी पड़ी। अंदर की वास्तविक स्थिति सामने आने के बाद अधिकारियों ने इसे पशु कल्याण के नियमों और सरकारी दिशा-निर्देशों की खुली अनदेखी माना।

 

अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक तौर पर यह मामला न केवल गौशाला संचालन में लापरवाही, बल्कि सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग की ओर भी संकेत करता है। साथ ही, आजीविका मिशन के तहत स्व-सहायता समूहों को दी गई जिम्मेदारियों के पालन में भी गंभीर कमी नज़र आई है।

 

प्रशासन ने पूरे प्रकरण को गंभीर मानते हुए विस्तृत जांच शुरू करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी की है।