आलोट। मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय एवं स्कूल शिक्षा विभाग की संयुक्त पहल 'युवा सृजन संवाद' अभियान के तहत बुधवार को सांदीपनि विद्यालय, आलोट में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) विवेक कुमार लाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उप पुलिस अधीक्षक एवं कार्यक्रम प्रभारी सुश्री अनीशा जैन, एसडीओपी पल्लवी गौर, यातायात प्रभारी आरआई मोनिका सिंह चौहान, थाना प्रभारी योगेश पाटीदार, सांदीपनि विद्यालय के प्राचार्य फिरोज खान, विद्यालय के शिक्षकगण, पुलिस विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक कुमार लाल ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कानून की जानकारी, साइबर सुरक्षा, महिला एवं बाल सुरक्षा, पॉक्सो अधिनियम, सड़क सुरक्षा एवं जिम्मेदार नागरिक बनने के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि युवाओं में कानून के प्रति जागरूकता और पुलिस व्यवस्था के प्रति विश्वास बढ़ाना समय की आवश्यकता है। यदि विद्यार्थी अपने अधिकारों के साथ कर्तव्यों को भी समझेंगे तो समाज अधिक सुरक्षित और सशक्त बनेगा। उन्होंने विद्यार्थियों से किसी भी संदिग्ध गतिविधि, साइबर अपराध या सामाजिक अपराध की सूचना तत्काल पुलिस को देने तथा स्वयं भी कानून का पालन करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम प्रभारी एवं उप पुलिस अधीक्षक सुश्री अनीशा जैन ने कहा कि 'युवा सृजन संवाद' का उद्देश्य विद्यार्थियों को कानून, संविधान, साइबर सुरक्षा, महिला एवं बाल संरक्षण, यातायात नियमों तथा पुलिस व्यवस्था के प्रति जागरूक बनाना है। इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों में विधिक समझ विकसित होगी, वे अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति सजग बनेंगे तथा समाज में जिम्मेदार नागरिक के रूप में अपनी भूमिका का बेहतर निर्वहन कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि पुलिस और स्कूल शिक्षा विभाग का यह संयुक्त अभियान विद्यार्थियों और पुलिस के बीच विश्वास एवं संवाद को और अधिक मजबूत करेगा।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों, हेलमेट एवं सीट बेल्ट के महत्व, मोबाइल का उपयोग करते हुए वाहन चलाने के दुष्परिणाम, नशे की हालत में वाहन चलाने से होने वाले जोखिम, साइबर अपराधों से बचाव, ऑनलाइन ठगी, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग, महिला सुरक्षा तथा आपातकालीन सेवाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। विद्यार्थियों ने अधिकारियों से विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे, जिनका सरल एवं व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से समाधान किया गया।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों को कानून का सम्मान करने, यातायात नियमों का पालन करने, साइबर अपराधों से सतर्क रहने तथा सुरक्षित, जागरूक एवं जिम्मेदार नागरिक बनने का संकल्प दिलाया गया। आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों में विधिक जागरूकता बढ़ाने, पुलिस के प्रति विश्वास मजबूत करने तथा सुरक्षा एवं जिम्मेदारी की भावना विकसित करना रहा।
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