टीकमगढ़। राजस्व विभाग की अनदेखी के चलते ग्रामीण अंचलों में अवैध मिट्टी एवं मुरम खनन का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला जनपद क्षेत्र की ग्राम पंचायत नन्हीटेहरी के गांव स्थित रिछाई माता पहाड़ी का सामने आया है, जहां पेट्रोल पंप निर्माण के लिए ठेकेदार द्वारा बिना वैधानिक अनुमति भारी भरकम खुदाई कर पहाड़ी को खाई में तब्दील कर दिया गया।
ग्रामीणों के अनुसार बुडेरा में बन रहे पेट्रोल पंप की पुराई के लिए मशीनों से पहाड़ी की मिट्टी और मुरम निकाली गई। आरोप है कि निकाली गई कुछ मिट्टी अन्य स्थानों पर ले जाकर बेची भी गई। पहाड़ी के निचले हिस्से से मुरम निकालने के दौरान पेड़ों को उखाड़ दिया गया, जिससे पूरे क्षेत्र में गहरी खाइयां बन गई हैं और पर्यावरणीय क्षति स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है।
नियमानुसार किसी भी निर्माण कार्य के लिए उपयोग की जाने वाली मिट्टी के उत्खनन हेतु संबंधित विभाग से अनुमति आवश्यक होती है, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार ने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए बिना मंजूरी रातों-रात खुदाई कर डाली। इतने बड़े पैमाने पर राजस्व भूमि से खनन होता रहा, इसके बावजूद स्थानीय स्तर पर सरपंच और पटवारी द्वारा उच्चाधिकारियों को सूचना नहीं दी गई।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि मिट्टी खनन माफियाओं के विरुद्ध न तो राजस्व विभाग और न ही खनिज विभाग ठोस कार्रवाई करता है। कभी-कभार खानापूर्ति के लिए ट्रैक्टर पकड़ लिए जाते हैं, लेकिन अवैध उत्खनन पर प्रभावी रोक नहीं लग पाती। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है।
इस संबंध में तहसीलदार पलक जैन से संपर्क किया गया तो उन्होंने एसआईआर कार्य में व्यस्तता बताते हुए खनिज विभाग से बात करने को कहा।
इनका कहना है—
“आपके द्वारा मामला मेरे संज्ञान में आया है। मैं मौके पर जाकर निरीक्षण करूंगा। यदि अवैध खनन पाया जाता है तो निश्चित तौर पर कार्रवाई की जाएगी।”
— कुलदीप जैन, खनिज इंस्पेक्टर, टीकमगढ़

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