मध्य प्रदेश के पांढुर्णा में अवैध प्लाटिंग का बढ़ता कारोबार
मध्य प्रदेश के पांढुर्णा जिले में अवैध प्लाटिंग का कारोबार तेजी से बढ़ता जा रहा है। भोले-भाले किसानों को गुमराह कर उनकी कृषि योग्य भूमि को सस्ते दामों पर खरीदने के बाद भूमाफिया अवैध प्लाटिंग का धंधा कर रहे हैं।
यहां तक कि नेशनल हाईवे के आसपास और सौसर क्षेत्र में भी इनकी नजरें गड़ी हुई हैं। किसानों से सस्ते दामों पर जमीन खरीदकर रातों-रात प्लाटिंग कर दी जाती है, जिससे रेरा के नियमों का उल्लंघन हो रहा है।
सरकार और राजस्व विभाग की चुप्पी:
- राजस्व विभाग और तहसील विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत के कारण अवैध प्लाटिंग का कारोबार फल-फूल रहा है।
- तहसील स्तर से लेकर नगर पालिका तक प्लाटिंग के लिए रातों-रात परमिशन दी जा रही है।
आश्चर्य की बात यह है कि इन प्लाटिंग क्षेत्रों में न तो नालियां बनी हैं और न ही सड़कें, पार्क या बिजली कनेक्शन की व्यवस्था है। ग्राहक को गुमराह कर किस्तों पर प्लाटिंग बेची जा रही है, लेकिन बाद में उन्हें बार-बार धोखा दिया जाता है।
अब यह सवाल उठता है कि आखिरकार इन भूमाफियाओं और प्रॉपर्टी डीलरों को सरकार कैसे खुली छूट दे रही है? क्या जिले के उच्च अधिकारियों की भी इन पर मेहरबानी है?
इस मुद्दे पर प्रशासन की चुप्पी और अनदेखी को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। आवश्यकता है कि इस अवैध कारोबार पर तुरंत रोक लगाई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
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