“गड्ढों से ज्यादा ब्रेकर! सिंधी बस्ती–कलेक्टर मार्ग पर क्यों बना ‘झटका रोड’? दत्तू मेढ़े का जिला प्रशासन पर हमला”

बुरहानपुर: बुरहानपुर के सिंधी बस्ती से कलेक्टर तहसील मार्ग पर सड़क की बदहाली ने स्थानीय निवासियों को परेशान कर रखा है। दत्तू मेढ़े ने जिला प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि गड्ढों की बजाय सड़क पर अनावश्यक ब्रेकरों की संख्या बढ़ा दी गई है, जो यातायात को धीमा कर रही है।

मेढ़े ने कहा कि सड़क की खराब हालत के कारण वाहन पहले से ही धीमी गति से चलते हैं, ऐसे में इतने ब्रेकरों की कोई आवश्यकता नहीं है। अगर यही सामग्री गड्ढों को भरने में लगाई जाती, तो शायद सड़कों की स्थिति बेहतर होती।

उन्होंने आरोप लगाया कि नेताओं की मर्जी के बिना यहां कोई काम नहीं होता और यदि कोई आवाज उठाता है, तो उसे कानूनी कार्रवाई की धमकी दी जाती है। मेढ़े ने यह भी सवाल उठाया कि क्या राजनेताओं का प्राइवेट हॉस्पिटल्स में मरीज भेजने का यह एक नया तरीका है मोटी रकम कमाने का?

उन्होंने बताया कि पिछले कई सालों से बुरहानपुर-रावेर राज्य मार्ग की हालत खस्ता है। कई आंदोलनों के बाद कुछ गड्ढों को भर दिया गया, लेकिन वो भी सही तरीके से नहीं किए गए, जिससे वे खतरनाक हो सकते हैं।

क्षेत्र की जनता को यह लॉलीपॉप दिया गया कि सड़क की मंजूरी हो गई है, परंतु अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। जिला प्रशासन से आग्रह है कि वे इस दिशा में ध्यान दें और सड़क को समतल करें।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि जिले में रीढ़ की हड्डी और कमर दर्द के मरीजों की संख्या बढ़ रही है, जिसके लिए जिला प्रशासन जिम्मेदार है। जनता जल्द ही अपने वोट के माध्यम से नेताओं को सबक सिखाएगी।