आलोट। वर्ष 2047 में आलोट कैसा दिखेगा? क्या आलोट को जिला बनने का दर्जा मिलेगा? क्या वर्षों से लंबित रेल लाइन का सपना पूरा होगा? क्या क्षेत्र को फोरलेन सड़क, ट्रॉमा सेंटर, आधुनिक अस्पताल और नए उद्योग मिलेंगे? इन्हीं सवालों और संभावनाओं को लेकर शनिवार को अंबेडकर भवन में आयोजित 'समृद्ध मध्यप्रदेश-विजन 2047' बैठक में विकास का व्यापक मंथन हुआ।
विधायक डॉ. चिंतामणि मालवीय की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में जनप्रतिनिधियों, विभिन्न विभागों के अधिकारियों और सामाजिक प्रतिनिधियों ने आलोट विधानसभा के अगले दो दशकों के विकास की दिशा तय करने वाले महत्वपूर्ण सुझाव रखे। बैठक का संचालन एसडीएम विवेक सोनकर ने किया।
अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार बैठक में कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, उद्योग, सड़क, रेलवे, रोजगार, आधारभूत सुविधाओं और शहरी विकास को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। अधिकारियों को विभागवार विकास का रोडमैप तैयार करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में जनपद अध्यक्ष प्रतिनिधि कालू सिंह परिहार, प्रेस क्लब आलोट के अध्यक्ष डॉ. सुनील चोपड़ा, उज्जैन-आलोट सांसद अनिल फिरोजिया के प्रतिनिधि नंदन जैन सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
बैठक में आलोट को जिला बनाने, जावरा-आगर मार्ग को फोरलेन करने, जावरा-आलोट रेल लाइन शुरू करने, ताल, आलोट और बड़ावदा में 100-100 बिस्तरों वाले अस्पताल स्थापित करने, आलोट में ट्रॉमा सेंटर खोलने, बंद पड़ी शुगर मिल की भूमि का उपयोग कर उद्योग और फूड प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने, गेट नंबर-20 से महिदपुर रोड और बड़ोद रोड को जोड़ने वाले बाईपास के निर्माण तथा किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे प्रमुखता से सामने आए।
बैठक को संबोधित करते हुए विधायक डॉ. चिंतामणि मालवीय ने कहा कि विजन-2047 केवल भविष्य की योजना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए विकास की मजबूत नींव है। उन्होंने सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करते हुए जनप्रतिनिधियों से प्राप्त सुझावों को योजनाओं में शामिल करने और समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
बैठक के अंत में सभी विभागों से अपने-अपने क्षेत्र से संबंधित विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर विजन-2047 दस्तावेज़ के लिए प्रस्तुत करने को कहा गया, ताकि आलोट विधानसभा के समग्र विकास की मजबूत रूपरेखा तैयार की जा सके।
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