रहली: इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) सागर और स्वास्थ्य विभाग सागर के संयुक्त तत्वावधान में सीएचसी रहली में एक सफल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में 42 यूनिट रक्त का संग्रह किया गया, जो चिकित्सा जगत के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

शिविर की शुरुआत स्वयं चिकित्सकों द्वारा रक्तदान से हुई, जिसने समाज में सकारात्मक संदेश दिया। आईएमए अध्यक्ष डॉ. तल्हा साद, मेडिकल स्पेशलिस्ट डॉ. जितेन्द्र सराफ और बीएमओ डॉ. बसंत नेमा ने स्वयं रक्तदान कर इस पहल को आगे बढ़ाया।

मेडिकल स्पेशलिस्ट डॉ. जितेन्द्र सराफ ने बताया कि रक्तदान शल्य चिकित्सा, सड़क दुर्घटनाओं, कैंसर और एनीमिया जैसी बीमारियों में जीवनरक्षक साबित होता है। उन्होंने कहा कि एक यूनिट रक्त को उसके घटकों—रेड सेल्स, प्लाज्मा आदि—में विभाजित करने पर यह तीन मरीजों तक लाभ पहुंचा सकता है।

आईएमए अध्यक्ष डॉ. तल्हा साद ने रक्तदान के फायदों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इससे न केवल मरीजों को जीवन मिलता है, बल्कि रक्तदाताओं को भी कई स्वास्थ्य लाभ होते हैं। इससे शरीर में आयरन का संतुलन बना रहता है, हृदय स्वास्थ्य बेहतर होता है और एचआईवी, हेपेटाइटिस जैसी बीमारियों की निःशुल्क जांच भी हो जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीण और दूरदराज़ क्षेत्रों में ऐसे शिविर आयोजित करने से रक्तदान को लेकर फैली भ्रांतियाँ—जैसे कमजोरी या बीमारी का डर—दूर होती हैं।

पूर्व सीएमएचओ डॉ. आई. एस. ठाकुर ने कहा कि रक्त का कृत्रिम निर्माण संभव नहीं है, इसलिए नियमित रक्तदान से ही अस्पतालों में जरूरत के समय पर्याप्त रक्त उपलब्ध हो पाता है।

इस कार्यक्रम में डॉ. बसंत नेमा, डॉ. संदीप असाटी, डॉ. अमन प्रजापति, विवेक गुप्ता, रहली सिटी से प्रवीण सोनी, अनुराग चौरसिया, श्रीराम अहिरवार सहित नर्सिंग स्टाफ, आशा कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में आमजन की सहभागिता रही। सभी के सहयोग से रक्तदान शिविर को सफल बनाया गया।