पंचायतों के विकास हेतु जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी करें समन्वित प्रयास-कलेक्टर

कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला स्तरीय माइन क्लोजर प्लान समिति की बैठक हुई आयोजित

अनूपपुर। कलेक्टर हर्षल पंचोली की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट कार्यालय के नर्मदा सभागार में जिला स्तरीय माइन क्लोजर प्लान समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले की पांच बंद माइन खदानों में सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने, स्थानीय जनभागीदारी बढ़ाने तथा प्रभावी एक्शन प्लान तैयार कर कार्य करने के संबंध में अधिकारियों से विस्तृत चर्चा कर विचार विमर्श किया गया तथा आवश्यक निर्देश दिए गए।

बैठक में कलेक्टर श्री पंचोली ने बंद खदान जमुना-कोतमा एरिया, अंडरग्राउंड माइन सोमना (बिजुरी), अंडरग्राउंड माइन झीमर (डूमरकछार), गोविंदा साइड (जमुना-कोतमा क्षेत्र) सहित अन्य बंद खदानों की स्थिति पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बंद माइन खदानों को नए स्वरूप में विकसित करने हेतु ठोस एवं व्यवहारिक कार्ययोजना तैयार की जाए तथा स्थानीय लोगों को स्वरोजगार से जोड़ा जाए। कलेक्टर ने एसईसीएल अधिकारियों से बंद खदानों की एनओसी के संबंध में जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों ने बताया कि विभागीय कार्यवाही के पश्चात् सभी संबंधित खदानों की एनओसी प्रदान की जाएगी तथा बंद खदानों के विकास हेतु रूपरेखा तैयार कर स्थानीय लोगों को सुविधाओं के साथ विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा।

कलेक्टर श्री पंचोली ने जमुना-कोतमा एरिया में इको-टूरिज्म विकसित करने तथा स्व-सहायता समूहों एवं स्थानीय लोगों के माध्यम से मत्स्य पालन एवं पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। साथ ही बंद खदान क्षेत्रों में जल, विद्युत एवं सड़क जैसी मूलभूत संरचनाएं विकसित कर किसानों को कृषि गतिविधियों से जोड़ने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि प्राथमिकता के आधार पर किसानों को कृषि करने हेतु प्रेरित करने की निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कृषि को लाभ का धंधा बनाने हेतु किसान लेमन ग्रास, फलदार पौधे तथा कृषि एवं उद्यानिकी विभाग से संबंधित योजनाओं का लाभ दिलाया जाए।

बैठक में खदान क्षेत्रों से जुड़े ग्राम पंचायतों के सरपंचों एवं अधिकारियों से पंचायत विकास हेतु समन्वित प्रयास करने का आव्हान किया गया। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि संबंधित क्षेत्र के विकास के प्रस्ताव तैयार कर अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित किया जाए तथा ग्रामीणों को विकास कार्यों में सहभागी बनाया जाए। उन्होंने अंडरग्राउंड माइन सोमना, झीमर एवं गोविंदा साइट में सुरक्षा, तकनीकी सुधार एवं विकास कार्यों के संबंध में भी विस्तृत चर्चा की तथा नवीन कार्ययोजना तैयार कर प्रस्ताव प्रेषित करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर श्री पंचोली ने बंद खदानों की अनुपयोगी एवं असमतल भूमि को समतल कर पौधरोपण करने के निर्देश एसईसीएल अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। इसके साथ ही कृषि के लिए क्लस्टर विकास, वन विकास, स्व-सहायता समूहों को जोड़ने तथा पीएमएफएमई योजना अंतर्गत फूड प्रोसेसिंग के माध्यम से किसानों को समृद्ध बनाने पर भी विशेष जोर दिया।

बैठक में वन मंडलाधिकारी अनूपपुर श्री डेविड व्यंकटराव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री जगन्नाथ सिंह मरकाम, खनिज निरीक्षक श्रीमती ईशा वर्मा सहित एसईसीएल के वरिष्ठ अधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।