अमरकंटक: मध्य प्रदेश के पवित्र नगरी अमरकंटक में बुधवार को मध्य प्रदेश इको डेवलपमेंट बोर्ड, भोपाल के तत्वावधान में वन विभाग द्वारा इको-पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक दिवसीय अनुभूति कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन रुद्र गंगा वन्य क्षेत्र स्थित इको-पर्यटन स्थल पर किया गया।

कार्यक्रम में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, पोड़की के 125 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। इसका मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को प्रकृति से जोड़ना, जैव विविधता की जानकारी देना, वन्य प्राणियों की गतिविधियों से अवगत कराना और इको-पर्यटन के महत्व को समझाना रहा।

कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएं

  • विद्यार्थियों को रुद्र गंगा क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता, पहाड़ी भू-भाग, जल स्रोतों और वन संपदा की विस्तृत जानकारी दी गई।
  • विशेषज्ञों ने इको-पर्यटन की अवधारणा, इसके लाभ और सतत विकास में इसकी भूमिका पर प्रकाश डाला।
  • पर्यावरण प्रेमी एवं सर्प प्रहरी पत्रकार शशिधर अग्रवाल ने सर्पों से संबंधित जानकारी दी और विद्यार्थियों के प्रश्नों के उत्तर दिए।

कार्यक्रम का संचालन अमरकंटक वन परिक्षेत्र के रेंजर वीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव और उनके स्टाफ के मार्गदर्शन में हुआ। उपवन मंडल अधिकारी पुष्पराजगढ़, डॉ. लाल सुधाकर सिंह ने पर्यावरण संरक्षण, वन प्रबंधन और जैव विविधता संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियाँ साझा कीं।

समापन समारोह

कार्यक्रम के समापन पर अमरकंटक नगर परिषद अध्यक्षा, श्रीमती पार्वती सिंह ने उपस्थित छात्र-छात्राओं को पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई। अंत में प्रतिभागी विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।

इस अवसर पर जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ के पूर्व अध्यक्ष और अनूपपुर जिला भाजपा अध्यक्ष हीरा सिंह श्याम, सेवानिवृत्त उपवन मंडल अधिकारी प्रदीप खत्री और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

विशेष संदेश

मुख्य अतिथि हीरा सिंह श्याम ने अपने संबोधन में कहा कि पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन हम सभी का नैतिक दायित्व है। यदि पर्यावरण सुरक्षित रहेगा, तभी मानव जीवन सुरक्षित रहेगा। पेड़-पौधे और वन्य जीव हमारे पर्यावरण के वास्तविक संरक्षक हैं।

कार्यक्रम की इस पहल की सराहना करते हुए छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करते हैं।