मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले से एक अत्यंत सुखद और मानवता को गौरवान्वित करने वाली खबर सामने आई है। जिले के कटंगी विकासखंड के ग्राम देवरी बुजुर्ग के निवासी, मात्र चार माह के मासूम अयांश मसराम ने गंभीर हृदय रोग के विरुद्ध छिड़ी अपनी जंग में जीत हासिल कर ली है। मुंबई के प्रसिद्ध नारायण हृदयालय अस्पताल में अयांश की सफल हृदय सर्जरी (हार्ट सर्जरी) संपन्न हुई है। यह सफलता न केवल अयांश के परिवार के लिए बल्कि पूरे बालाघाट जिले के लिए एक बड़ी राहत और खुशी का क्षण है। मध्य प्रदेश शासन की 'पीएम श्री एयर एम्बुलेंस' सेवा और प्रशासन की संवेदनशीलता ने इस मासूम को एक नया जीवन प्रदान किया है।

कैसे शुरू हुआ अयांश का चुनौतीपूर्ण सफर?

अयांश का यह सफर तब शुरू हुआ जब उसकी गंभीर स्वास्थ्य स्थिति का पता चला। उसके हृदय में जटिल समस्या थी, जिसके लिए विशेष चिकित्सा और तत्काल सर्जरी की आवश्यकता थी। इस चुनौतीपूर्ण सफर के महत्वपूर्ण पड़ाव निम्नलिखित हैं:

  • स्वास्थ्य शिविर में पहचान: अयांश की गंभीर बीमारी का पता 'राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम' के तहत जिला चिकित्सालय बालाघाट में आयोजित एक विशेष स्वास्थ्य शिविर के दौरान चला। यहाँ विशेषज्ञ चिकित्सकों ने उसके हृदय रोग को चिन्हित किया।

  • तत्काल सर्जरी की आवश्यकता: जांच के बाद विशेषज्ञ डॉक्टरों ने यह स्पष्ट कर दिया था कि यदि अयांश की तत्काल सर्जरी नहीं की गई, तो उसकी स्थिति और बिगड़ सकती है। यह उसके परिवार के लिए एक अत्यंत चिंताजनक समय था।

  • प्रशासन की त्वरित कार्रवाई: विशेषज्ञ चिकित्सकों की सलाह मिलते ही बालाघाट जिला प्रशासन ने बिना समय गंवाए त्वरित कार्रवाई शुरू की। अयांश की नाजुक हालत को देखते हुए उसे जल्द से जल्द बड़े अस्पताल में भर्ती कराना अनिवार्य था।

पीएम श्री एयर एम्बुलेंस: संकट में बना सहारा

जब परिवार आर्थिक तंगी और मासूम की जान बचाने के दबाव से जूझ रहा था, तब मध्य प्रदेश शासन की 'पीएम श्री एयर एम्बुलेंस' योजना एक फरिश्ते की तरह सामने आई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर शुरू की गई इस सेवा ने अयांश के लिए उपचार के द्वार खोल दिए।

  • एयरलिफ्ट की प्रक्रिया: जिला प्रशासन की तत्परता से 14 मई 2026 को अयांश को एयरलिफ्ट कर सुरक्षित तरीके से मुंबई भेजा गया। यह तकनीक और मानवीय संवेदना का अद्भुत मेल था, जिसने एक नन्हीं सी जान को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

  • नारायण हृदयालय में उपचार: मुंबई स्थित नारायण हृदयालय अस्पताल में अयांश को भर्ती कराया गया। यह अस्पताल हृदय रोगों के उपचार के लिए विश्व स्तर पर अपनी पहचान रखता है, जहाँ अयांश को बेहतर उपचार मिलने की उम्मीद बढ़ गई थी।

आयुष्मान भारत योजना: आर्थिक बाधाओं का समाधान

किसी भी गंभीर बीमारी के इलाज में सबसे बड़ी बाधा अक्सर आर्थिक तंगी होती है। अयांश का परिवार भी इसी समस्या से ग्रस्त था। हालांकि, शासन की जन-कल्याणकारी नीतियों ने इस बाधा को पूरी तरह समाप्त कर दिया:

  • नि:शुल्क उपचार: अयांश का उपचार 'आयुष्मान भारत योजना' के अंतर्गत किया जा रहा है। इस योजना ने परिवार को भारी-भरकम अस्पताल खर्च के बोझ से मुक्त कर दिया।

  • सफल ऑपरेशन: सोमवार, 18 मई 2026 को मुंबई के नारायण हृदयालय में विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक अनुभवी टीम ने अयांश का जटिल हृदय ऑपरेशन किया, जो पूरी तरह सफल रहा।

  • परिजनों की राहत: सर्जरी की सफलता की सूचना मिलते ही अयांश के माता-पिता की आंखों में खुशी के आंसू आ गए। उन्होंने शासन और प्रशासन के प्रति असीम आभार व्यक्त किया।

शासन और प्रशासन की संवेदनशीलता

इस पूरी घटना ने सरकारी स्वास्थ्य तंत्र और प्रशासनिक संवेदनशीलता का एक प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया है। परिजनों ने भावुक होते हुए कहा कि यदि शासन की ओर से यह त्वरित मदद और आयुष्मान योजना का सहारा नहीं मिलता, तो उनके लिए इतने बड़े अस्पताल में इलाज कराना एक असंभव सपना ही बना रहता।

जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने अयांश की प्रगति पर अपडेट देते हुए बताया कि:

  1. स्वास्थ्य में सुधार: अयांश की स्थिति ऑपरेशन के बाद से काफी बेहतर है।

  2. निरंतर निगरानी: डॉक्टरों की टीम लगातार उसकी निगरानी कर रही है और उसका स्वास्थ्य तेजी से सुधर रहा है।

  3. जनकल्याण का उदाहरण: यह मामला यह सिद्ध करता है कि यदि प्रशासनिक तत्परता और जनकल्याणकारी योजनाओं का सही समन्वय हो, तो किसी भी असाध्य स्थिति को साध्य बनाया जा सकता है।

यह अयांश मसराम की बहादुरी और शासन की जिम्मेदारी का मिला-जुला परिणाम है कि आज एक चार माह का मासूम, जो मौत के साये में था, अब स्वस्थ होने की ओर कदम बढ़ा रहा है। बालाघाट जिले के लिए यह उपलब्धि स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक नए विश्वास का संचार करने वाली है।

Image Source: https://balaghat.mpinfo.org