*बांधवगढ़ के रिसोर्ट बने बारूद के ढेर:*

*फायर NOC और सेफ्टी सिस्टम नदारद, टूरिस्ट की जान दांव पर*

 विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ नेशनल पार्क में ठहरने आए टूरिस्ट की जान खतरे में है, एक पड़ताल में खुलासा हुआ है कि यहां 80% से ज्यादा रिसोर्ट और होटलों में फायर सेफ्टी के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति है। फायर डिपार्टमेंट का NOC नहीं, स्मोक डिटेक्टर बंद पड़े हैं और स्टाफ को आग बुझाने की A-B-C-D भी नहीं आती है। जंगल के बीच बसे इन रिसोर्ट में बिजली की लूज वायरिंग, ओवरलोड बोर्ड और किचन में खुले LPG सिलेंडर आम बात है। शॉर्ट सर्किट से आग लगी तो फायर ब्रिगेड पहुंचने में घंटों लगेंगे और तब तक सब राख हो जाएगा।इस मामले में जब निजी रिसोर्ट प्रबंधन से फायर ड्रिल रजिस्टर और NOC मांगा गया तो अधिकांश ने कागज दिखाने से मना कर दिया। एक मैनेजर ने कहा सर यहां कभी आग नहीं लगती। फायर एक्सपर्ट मानते हैं कि जंगल एरिया में एक चिंगारी पूरे इकोसिस्टम को खत्म कर सकती है। टूरिज्म डिपार्टमेंट और जिला प्रशासन से मांग है कि सभी रिसोर्ट का फायर ऑडिट तुरंत कराया जाए। बिना NOC वाले होटल सील हों। हालांकि हाल ही में फायर सेफ्टी को लेकर कलेक्टर ने होटल, रिसोर्ट संचालकों को 7 दिवस का समय देते हुए कहा है कि फायर सेफ्टी के लिए आप क्या उपाय कर रहे हैं।‌