बैतूल: मप्र ग्राम रक्षक कोटवार चौकीदार संघ की जिला शाखा बैतूल ने पंचशील बौद्ध विहार सदर बैतूल में कोटवारों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। इस बैठक में जिलास्तरीय और प्रदेश स्तरीय सम्मेलन के आयोजन की विस्तृत योजना पर सहमति बनी।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अधिवक्ता डॉ. सुखदेव डोंगरे उपस्थित रहे। उनके साथ कोटवार संघ के पूर्व अध्यक्ष मानिकराव वामनकर, वर्तमान जिलाध्यक्ष रामदास गुजरे, और कई अन्य प्रमुख सदस्य भी मौजूद थे।

समान वेतन और लंबित लाभों पर चर्चा

बैठक के दौरान मध्यप्रदेश शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई। अधिवक्ता डॉ. सुखदेव डोंगरे ने जोर देकर कहा कि कोटवारों को समान कार्य के लिए समान वेतन दिया जाना चाहिए, और उन्हें कलेक्टर दर से मानदेय प्रदान किया जाना चाहिए।

उन्होंने यह भी बताया कि मप्र शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, सेवा निवृत्त कोटवारों को 1 लाख रुपये दिए जाने का प्रावधान है, लेकिन बैतूल जिले में केवल 3 कोटवारों को ही इस लाभ का फायदा मिला है।

नियुक्ति और पद संबंधी मुद्दे

  • जिलाध्यक्ष रामदास गुजरे ने कोटवार नियुक्ति में परिजनों को प्राथमिकता देने की मांग की।
  • गणेश कजोडे ने कहा कि किसी कोटवार की मृत्यु पर उसके पद को समाप्त नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि पात्र परिजन को नियुक्त किया जाना चाहिए।

अन्य महत्वपूर्ण मुद्दे

  • दिनेश चौकीकर ने कहा कि कोटवारों से जबरन काम नहीं कराया जाना चाहिए और शिकायत मिलने पर बिना सुने कठोर कार्रवाई नहीं होनी चाहिए।
  • दिलीप बेलवंशी ने अवैध कब्जों की समस्या उठाई, जिसमें कोटवारों को प्रदान की गई जमीन पर दबंगों का कब्जा होने की बात कही।

सम्मेलन को सफल बनाने में घनश्याम बारसे, राजू कापसे, मिथिलेश चंदेलकर, शैलेन्द्र मोहरे, और अन्य का सक्रिय सहयोग रहा।

यह बैठक कोटवारों के हक और अधिकारों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है, जिसमें उनके लंबित मुद्दों के समाधान के लिए ठोस रणनीति बनाई गई है।