बैतूल: नगर परिषद चिचोली के वार्ड क्रमांक 15 की पार्षद नेहा रुपेश आर्य ने सीएमओ पर नियमविरुद्ध कार्य और करोड़ों के घोटाले के गंभीर आरोप लगाकर प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है।
कलेक्टर के नाम प्रेषित शिकायत में पार्षद ने आरोप लगाया कि पहले भी कई बार शासन-प्रशासन को सूचित किया गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे संदेह होता है कि सीएमओ, उपयंत्री और अध्यक्ष मिलकर परिषद में संगठित लूट कर रहे हैं।
मुख्य आरोप और मांगें
- सीएमओ कार्यालय के बजाय अध्यक्ष के प्रतिष्ठान से कार्य संचालित हो रहे हैं।
- ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने के लिए नियमों की अनदेखी की जा रही है।
44 लाख की सीसी सड़क में तकनीकी खामियां
वार्ड क्रमांक 8 चंद्रशेखर वार्ड में लगभग 44 लाख रुपये की सीसी सड़क निर्माण में गंभीर तकनीकी कमियां पाई गईं। डीपीआर के अनुसार, कई कार्य नहीं कराए गए, जिससे करीब 10 से 12 लाख रुपये के कार्य अधूरे रहे। सड़क की गुणवत्ता की उच्च स्तरीय जांच कर भुगतान रोकने की मांग की गई।
कायाकल्प योजना में नियमविरुद्ध चौड़ीकरण
जय स्तंभ चौक से वीर दुर्गादास चौक तक लगभग 54 लाख रुपये की लागत से सड़क के दोनों ओर चौड़ीकरण के लिए खुदाई की जा रही है। आरोप है कि कायाकल्प योजना के नियमों के विपरीत नई सड़क का निर्माण किया जा रहा है।
अमृत 2 योजना में कमीशनखोरी का आरोप
सीएमओ पर आरोप है कि ठेकेदारों को बिना रसीद के पानी दिया जा रहा है, जिससे निकाय को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। अमृत 2 योजना में ठेकेदारों से साठगांठ कर गुणवत्ताहीन कार्य कराने और कमीशन लेने का आरोप लगाया गया।
अन्य अनियमितताएं और मांग
- जेम पोर्टल पर सामग्री एसओआर दर से अधिक कीमत पर खरीदे जाने का आरोप।
- कर्मचारियों के दुरुपयोग और कम राजस्व दर्शाकर बंदरबांट का आरोप।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया कि 2020-21 में वार्ड क्रमांक 9 के तालाब गहरीकरण प्रकरण में सीएमओ दोषी पाए गए थे। पार्षद नेहा आर्य ने कलेक्टर से मांग की कि नगर परिषद चिचोली में सीएमओ के कार्यकाल में हुए सभी कार्यों की निष्पक्ष जांच कराकर भ्रष्टाचार में लिप्त पाए जाने पर विधि संगत कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
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