बैतूल: शासन-प्रशासन की अनदेखी और हठधर्मिता के चलते नाराज कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर आक्रोश प्रकट किया। मप्र स्थाई कर्मी कल्याण संघ के जिलाध्यक्ष लक्ष्मण बुन्देले के नेतृत्व में दैनिक वेतनभोगी, स्थाई कर्मी, वनसुरक्षा श्रमिक एवं अंशकालीन कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में कर्मचारियों ने नियमितीकरण, वेतनमान और चिकित्सा सुविधाओं की मांग की है। पूर्व में कई बार ज्ञापन देने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई न होने से कर्मचारियों में असंतोष और आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

मुख्य मांगें

  • सभी दैनिक वेतनभोगियों, स्थाई कर्मियों, वनसुरक्षा श्रमिकों और अंशकालीन कर्मचारियों का नियमितीकरण।
  • सातवें वेतनमान का लाभ, चिकित्सा सुविधा, चिकित्सा अवकाश, अर्जित अवकाश, अनुकंपा नियुक्ति एवं पेंशन पात्रता।
  • वन विभाग के श्रमिकों को श्रमायुक्त द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन, अवकाश सुविधा और समय पर भुगतान।

वन विभाग से संबंधित मामले

ज्ञापन में वन विभाग में कार्यरत कृष्णा वाड़बुदे के पुनः बहाली की मांग की गई। इसके साथ ही 1988 के पूर्व के दैनिक वेतनभोगियों के नियमितीकरण में लापरवाही से आत्महत्या करने वाले वाहन चालक स्व. विजय वल्द राधेलाल सोनी के परिवार को सहायता राशि देने की मांग की गई।

अन्य मांगें

  • नगर पालिका में वर्ष 2007 से कार्यरत दैनिक वेतनभोगियों को स्थाई कर्मी बनाने की मांग।
  • अंशकालीन कर्मचारियों को पूर्णकालीन करना।
  • स्थाई कर्मी महादेव खडसे के दुर्घटना उपचार की व्यवस्था।

कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों पर त्वरित कार्रवाई नहीं की गई, तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।