प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के नाम पर आदिवासी महिला से धोखाधड़ी: कृषि भूमि की रजिस्ट्री का मामला उजागर
बैतूल: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के नाम पर एक अनपढ़ आदिवासी महिला के साथ धोखाधड़ी कर उसकी कृषि भूमि की रजिस्ट्री कराए जाने का गंभीर मामला प्रकाश में आया है। ग्राम गौलगोदी पोस्ट चुनालोमा तहसील भैंसदेही निवासी तापी पति गन्नु बारस्कर ने जिला कलेक्टर से न्याय की गुहार लगाई है।
तापी ने अपने आवेदन में बताया कि उसकी भाभी लखाय पति भुतू दहीकर और भतीजे राजू पिता भुतू दहीकर ने सम्मान निधि का झांसा देकर धोखाधड़ी से उसकी जमीन की रजिस्ट्री करा ली।
तापी ने कहा, "मैं अनपढ़ और घरेलू महिला हूं और मुझे कानूनी प्रक्रियाओं की जानकारी नहीं है। मेरी कृषि भूमि खसरा नंबर 323 रकबा 0.700 हेक्टेयर ग्राम बोदीजुनाबानी में स्थित है। मुझे प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ नहीं मिल रहा था, जिसकी जानकारी मैंने अपने भतीजे राजू को दी।"
राजू ने आधार कार्ड लेकर बैतूल चलने और सम्मान निधि की प्रक्रिया कराने का वादा किया। 02 दिसंबर को राजू ने आधार कार्ड लिया और अगले दिन 03 दिसंबर को तापी को मोटरसाइकिल से खेत में ले जाकर फोटो खिंचवाई। राजू ने बताया कि जमीन की फोटो सम्मान निधि की प्रक्रिया के लिए आवश्यक है।
इसके बाद तापी को बैतूल ले जाया गया, जहां सम्मान निधि की कार्यवाही के नाम पर धोखे से उसकी कृषि भूमि की रजिस्ट्री करा ली गई। तापी ने स्पष्ट किया कि रजिस्ट्री के बदले उसे कोई राशि नहीं दी गई।
गांव लौटने पर जब उसके बेटे सुखदेव को इस घटनाक्रम की जानकारी मिली और दस्तावेज निकलवाए गए, तब पता चला कि जमीन की रजिस्ट्री हो चुकी है। तापी के परिवार ने अनावेदकों से प्रश्न किया, लेकिन उन्हें धमकाकर भगा दिया गया।
पीड़िता ने कलेक्टर बैतूल से अपील की है कि लखाय दहीकर और राजू दहीकर के विरुद्ध धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर उचित दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
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