18वें वर्ष में प्रवेश कर रही भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा, 19 जुलाई को निकलेगा भव्य रथ

स्वामी वेंकटेशाचार्य महाराज के सानिध्य में होगा आयोजन, तैयारियों को लेकर हुई बैठक; नगरभर में स्वागत, भजन संध्या और महाप्रसादी का रहेगा आयोजन

रिपोर्टर : मुस्तकीम मुगल
आलीराजपुर।

नगर में भगवान श्री जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा इस वर्ष 19 जुलाई (रविवार) को दोपहर 3 बजे लक्ष्मीनृसिंह मंदिर, नीम चौक से निकाली जाएगी। रथयात्रा अनंत विभूषित श्रीवत्सपीठाधीश्वर स्वामी वेंकटेशाचार्य महाराज (वत्समठ, चांदोद-वड़ोदरा) के सानिध्य में संपन्न होगी। रथ में भगवान जगन्नाथ, सुभद्रा एवं बलभद्र विराजमान रहेंगे। आयोजन का उद्देश्य समाज में धार्मिक जागृति, सामाजिक समरसता और हिंदू एकता का संदेश देना है।

मीडिया प्रभारी कृष्णकांत बेड़िया ने बताया कि वर्ष 2009 से प्रारंभ हुई यह रथयात्रा अब अपने 18वें वर्ष में प्रवेश कर रही है। रथयात्रा से एक दिन पहले 18 जुलाई (शनिवार) को शाम 5 बजे स्वामी वेंकटेशाचार्य महाराज वड़ोदरा से आलीराजपुर पहुंचेंगे। उनका स्वागत रामदेव मंदिर चौराहे से वाहन रैली के रूप में किया जाएगा। शाम 7 बजे श्रद्धालु लक्ष्मीनृसिंह मंदिर में पुष्प बंगले के दर्शन करेंगे, जबकि रात 8 बजे इंदौर के प्रसिद्ध भजन गायक व्यंकट लाहोटी की भजन संध्या होगी। इसके बाद महाप्रसादी का वितरण किया जाएगा।

रथयात्रा नीम चौक से प्रारंभ होकर पोस्ट ऑफिस चौराहा, रामदेव मंदिर मार्ग, वाणी मोहल्ला, एमजी रोड, हाटगली, टॉकीज चौराहा, एसबीआई कॉर्नर, रणछोड़राय मंदिर और बस स्टैंड होते हुए शाम करीब 6:30 बजे पुनः मंदिर परिसर पहुंचेगी। इसके बाद महाआरती तथा शाम 7 बजे धर्मसभा में स्वामी वेंकटेशाचार्य महाराज श्रद्धालुओं को आशीर्वचन देंगे।

तैयारियों को लेकर हुई व्यापक बैठक

रथयात्रा को भव्य और ऐतिहासिक बनाने के उद्देश्य से 2 जुलाई को लक्ष्मीनृसिंह मंदिर परिसर में सम्पूर्ण हिन्दू समाज की बैठक आयोजित की गई। बैठक में यात्रा की व्यवस्थाओं, स्वागत, सुरक्षा और समाज की सहभागिता पर विस्तार से चर्चा हुई। निर्णय लिया गया कि पुरुष श्रद्धालु सफेद या पीले वस्त्र तथा महिलाएं और युवतियां लाल या पीली चुनरी धारण कर रथयात्रा में शामिल होंगी।

बैठक में यह भी तय किया गया कि नगर एवं आसपास की भजन मंडलियों को रथयात्रा में शामिल किया जाएगा। यात्रा मार्ग पर विभिन्न समाजों द्वारा पुष्पवर्षा, जलपान एवं स्वागत की व्यवस्था रहेगी। मंदिर परिसर को आकर्षक रोशनी से सजाया जाएगा तथा नगर के प्रमुख चौराहों पर स्वागत द्वार, बैनर और होर्डिंग लगाए जाएंगे।

बैठक में सुझाव दिया गया कि रथयात्रा के शुभारंभ से पूर्व मंदिर परिसर के बाहर स्वच्छता अभियान चलाकर प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं विभिन्न समाजों के अध्यक्ष झाड़ू लगाकर स्वच्छता का संदेश देंगे। साथ ही सभी समाजों के लोगों को रथ खींचने का अवसर मिले, इसके लिए अलग-अलग टीमों और निर्धारित स्थानों की व्यवस्था की जाएगी।

आयोजकों ने नगर एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के सभी श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा को भव्य, सफल और ऐतिहासिक बनाने की अपील की है।