भोपाल के 2000 से ज्यादा होटल और रेस्टोरेंट में गैस सिलेंडर की कमी से व्यापारिक संकट

भोपाल में गैस सिलेंडर की कमी ने होटल और रेस्टॉरेंट उद्योग को गंभीर संकट में डाल दिया है। शहर के लगभग 2,000 होटल-रेस्टॉरेंट पिछले चार दिनों से गैस सिलेंडर की अनुपलब्धता के कारण संचालन बंद होने की कगार पर हैं।

गंभीरता का स्तर

  • प्रदेश भर में लगभग 50,000 होटल-रेस्टॉरेंट गैस की कमी का सामना कर रहे हैं।
  • कई होटलों में केवल 24 से 48 घंटे का ही गैस स्टॉक शेष है।

होटल एसोसिएशन की मांग

होटल एसोसिएशन ने सरकार से अनुरोध किया है कि होटल, रेस्टॉरेंट और कॉलेज कैंटीन को इमरजेंसी सेवा में शामिल किया जाए।

छात्रों पर प्रभाव

शहर में बड़ी संख्या में छात्र भोजन के लिए इन होटलों और रेस्टॉरेंट पर निर्भर हैं, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो जाती है।

इलेक्ट्रिक विकल्पों का उपयोग

फास्टफूड संचालक सागर गैरे ने इलेक्ट्रिक डोसा मशीनों का उपयोग शुरू किया है। रेस्टोरेंट के मैनेजर नरेंद्र धाकड़ के अनुसार, अब लगभग 60 प्रतिशत खाना इंडक्शन स्टोव पर तैयार किया जा रहा है। आगामी दिनों में और इलेक्ट्रिक मशीनें लाने की योजना है।

छोटे होटल और ठेले पर असर

गैस की कमी का सबसे ज्यादा असर छोटे होटल, ढाबों और स्ट्रीट फूड स्टॉल पर पड़ रहा है। भोपाल के 6 नंबर स्थित चौपाटी की कई दुकानें बंद हो गई हैं।

प्रशासन का दावा

जिला आपूर्ति नियंत्रक चंद्रभान सिंह जादौन के अनुसार, प्रशासन के पास लगभग 3200 मीट्रिक टन एलपीजी स्टॉक उपलब्ध है, जो लगभग छह दिन के लिए पर्याप्त है।

गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें

अफवाहों और बढ़ती मांग के कारण गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें देखी जा रही हैं। प्रशासन का कहना है कि शहर में गैस की कोई वास्तविक कमी नहीं है।

इस संकट का समाधान निकालने के लिए सरकार को तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता है, ताकि होटल-रेस्टॉरेंट उद्योग और उन पर निर्भर लोगों को राहत मिल सके।