भोपाल में 90° के ब्रिज बनने के बाद Mpeb का नया कारनामा आया सामने पेरिस के "एफिल टावर" देख सब हुए हैरान 

भोपाल, झीलों की नगरी, अब 'अजूबों का शहर' बनती जा रही है। यहां के करोंद क्षेत्र में बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है, जहां हाईटेंशन टावर के नीचे से सड़क निकाल दी गई है। इस अद्भुत इंजीनियरिंग की वजह से स्थानीय लोग इसे 'भोपाल का एफिल टावर' कह रहे हैं।

यह हाईटेंशन टावर विनायक कॉलोनी में स्थित है और सड़क के बीचों-बीच खड़ा है, जो न केवल ट्रैफिक के लिए गंभीर बाधा है, बल्कि स्थानीय निवासियों की सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा बन गया है।

स्थानीय निवासियों की सुरक्षा पर मंडराता खतरा

  • सड़क के बीच खड़ा टावर एंबुलेंस, दमकल और अन्य भारी वाहनों के लिए बड़ी बाधा है।
  • रात के समय अनजान वाहन चालकों के लिए यह टावर जानलेवा साबित हो सकता है।
  • दिन के समय इस टावर से करंट फैलने का डर बना रहता है, जिससे लोग अपनी जान हथेली पर रखकर गुजरते हैं।

हैरानी की बात यह है कि इस लापरवाही को देखने के लिए शहर के दूसरे हिस्सों से लोग आ रहे हैं और कुछ लोग इस 'एफिल टावर' के पास खड़े होकर सेल्फी भी ले रहे हैं।

बिजली विभाग की मजबूरी या लापरवाही?

सूत्रों के अनुसार, बिजली विभाग का तर्क है कि घनी आबादी होने के कारण टावर शिफ्टिंग में तकनीकी परेशानियां आ रही हैं। लेकिन सवाल यह है कि जब टावर पहले से खड़ा था, तो नगर निगम ने इसके नीचे सड़क बनाने की अनुमति कैसे दी?

यह मामला न केवल प्रशासनिक लापरवाही का उदाहरण है, बल्कि यह स्थानीय निवासियों के लिए गंभीर खतरा भी प्रस्तुत करता है।