जबलपुर भाजपा नेत्री अंजू भार्गव ने विवाद के बाद दिया इस्तीफा

जबलपुर की भाजपा नेत्री अंजू भार्गव ने गुरुवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इस बात की जानकारी उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से साझा की। हाल ही में उन्हें जिला इकाई में उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया था।

अंजू भार्गव की नियुक्ति के कुछ ही दिनों बाद गोरखपुर हवाबाग कॉलेज के पीछे स्थित एक चर्च में झड़प का मामला सामने आया था। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसके बाद विपक्ष ने इस मुद्दे पर भाजपा को घेरने का प्रयास किया।

घटना का विवरण:

  • अंजू भार्गव हिंदू संगठनों और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के साथ चर्च पहुंची थीं।
  • उनका आरोप था कि बड़ी संख्या में दिव्यांग दृष्टिहीन छात्र-छात्राओं को बिना अनुमति के विभिन्न हॉस्टलों से लाकर चर्च में धर्म परिवर्तन के लिए बुलाया गया था।
  • चर्च में चल रही प्रार्थना में दिव्यांग हिन्दू बच्चे भी शामिल थे।

हिंदू संगठनों और अंजू भार्गव ने मीडिया को बताया कि उन्हें वहां का वातावरण संदिग्ध प्रतीत हुआ। एक बच्चे ने कथित रूप से बताया कि उन्हें जबरदस्ती वहां लाया गया है। इसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई और पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।

विपक्ष का विरोध:

विपक्ष ने इस मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया, जिसमें अंजू भार्गव और एक दिव्यांग महिला के बीच बहस होती दिखी। इस वीडियो के आधार पर विपक्ष ने अंजू भार्गव के इस्तीफे की मांग की और भाजपा पर हमला बोला।

भाजपा के नगर अध्यक्ष रत्नेश सोनकर ने अंजू भार्गव को कारण बताओ नोटिस जारी किया। इस दबाव के बीच, अंजू भार्गव ने पार्टी की छवि को बचाने के लिए अपने पद से इस्तीफा दे दिया।