ओंकारेश्वर
तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर में नर्मदा नदी में संचालित नावों के पंजीयन, सुरक्षा एवं यात्री संरक्षण को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा व्यापक कार्रवाई की जा रही है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी ऋषव गुप्ता के निर्देशन में नगर परिषद, राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम द्वारा अवैध नाव संचालन के विरुद्ध अभियान चलाया गया।
एसडीएम के निर्देशानुसार 24 जनवरी से प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय चरण में नावों का सर्वे कार्य पूर्ण किया गया। सर्वेक्षण के दौरान कुल 269 नावों को पात्रता श्रेणी में सम्मिलित किया गया, जबकि शेष नावें अपात्र एवं अवैध पाई गईं। निर्देशों के बावजूद नर्मदा नदी में संचालन जारी रखने पर 21 जनवरी को मुख्य नगर पालिका अधिकारी मोनिका पारधी एवं उनकी टीम द्वारा लगभग 12 अवैध नावों को जब्त कर नदी से बाहर निकालते हुए टेंचिंग ग्राउंड में सुरक्षित रखा गया।
एसडीएम के निर्देशानुसार जब्त नावों के संबंध में 27 जनवरी को संबंधित नाविकों को नोटिस जारी कर 3 फरवरी को तहसील न्यायालय में उपस्थित होकर जवाब प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया गया। कोटवार तोताराम चकरे द्वारा संबंधित नाविकों को सूचना पत्र वितरित किए गए। नायब तहसीलदार नरेंद्र मुवेल ने बताया कि प्रकरण वर्तमान में तहसील न्यायालय में विचाराधीन है तथा साक्ष्य प्रस्तुत होने के उपरांत वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। अवैध पाए जाने पर नावों को नष्ट करने की कार्रवाई हेतु नगर परिषद को सुपुर्द किया जाएगा।
धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी
नर्मदा नदी में नाव संचालन को सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित बनाने हेतु कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के अंतर्गत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए गए हैं। आदेश के अनुसार –
केवल विधिवत पंजीकृत एवं नवीनीकृत नावों का संचालन ही अनुमान्य होगा।
बिना पंजीयन अथवा समाप्त पंजीयन वाली नावों का संचालन पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।
प्रत्येक नाव में लाइफ जैकेट एवं लाइफ रिंग जैसी जीवन रक्षक सामग्री अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराना होगा।
सुरक्षा उपकरणों के अभाव में यात्रियों का परिवहन नहीं किया जाएगा।
केवल अधिकृत एवं वयस्क नाविकों को ही नाव संचालन की अनुमति होगी। नाबालिगों द्वारा नाव संचालन पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।
सूर्यास्त के बाद नाव द्वारा यात्रियों का परिवहन प्रतिबंधित रहेगा।
नाव संचालन केवल निर्धारित घाटों के मध्य ही किया जाएगा।
आदेश का उल्लंघन करने पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के अंतर्गत दण्डात्मक कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन द्वारा सभी नाव संचालकों एवं आमजन से अपील की गई है कि जारी निर्देशों का पालन कर प्रशासन के सहयोगी बनें, जिससे श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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