रिपोर्ट: सूरज कुमार

मध्य प्रदेश के सीधी जिले के सिहावल विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची से नाम काटे जाने को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। मुस्लिम मतदाताओं के नाम हटाने के आरोपों के बाद स्थानीय जनता ने सड़कों पर उतरकर विरोध जताया।

बमुरी, मेढ़ौली, राजगढ़, विठौली, कुनझुन बघोर समेत कई ग्राम पंचायतों में बड़ी संख्या में लोगों ने आरोप लगाया कि उनके नाम बिना सूचना और बिना कारण के वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं। लोगों का कहना है कि यह सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि उनके लोकतांत्रिक अधिकारों के साथ खिलवाड़ है।

गुस्साए ग्रामीणों ने जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमान सिंह, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष मनोज सिंह, जनपद सदस्य जगजीवन लाल पटेल, रवी सिंह, रामदयाल, इकबाल अंसारी, यजराज साहू, रमेश पटेल सहित सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में तहसीलदार सिहावल परमसुख बंसल को ज्ञापन सौंपा।

  • ज्ञापन में कहा गया: "बिना बताए वोटर लिस्ट से नाम हटाना सीधे तौर पर जनता की आवाज़ दबाने की कोशिश है। यदि समय रहते सुधार नहीं हुआ, तो आंदोलन और तेज़ किया जाएगा।"

प्रशासन की सफाई:

मामले पर तहसीलदार परमसुख बंसल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारियों द्वारा आवेदन दिया गया है और पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच की जाएगी। उन्होंने आरोपों को खारिज करते हुए कहा, "किसी भी वर्ग विशेष को निशाना बनाकर नाम नहीं काटे गए हैं। बीएलओ के पास जो आवेदन आते हैं, उन्हीं के आधार पर जांच के बाद कार्रवाई होती है।"

हालांकि, प्रशासन के इस बयान से असंतुष्ट जनता का कहना है कि यदि तुरंत नाम बहाल नहीं किए गए, तो यह मुद्दा बड़ा जन आंदोलन बन सकता है।

फिलहाल सिहावल में यह मामला केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि राजनीतिक तूफान का रूप लेता दिखाई दे रहा है।