132 बच्चों के जनक की मौत के बाद सोन में उतरा ‘नया संरक्षक’
प्रजनन संकट के बीच आधी रात वन विभाग का बड़ा दांव, चंबल से लाया गया नर घड़ियाल
STATE NEWS AI | SURAJ KUMAR
सीधी।

सोन नदी के घड़ियाल संरक्षण अभियान में एक बार फिर निर्णायक हस्तक्षेप किया गया है। 132 घड़ियाल शिशुओं के जनक नर घड़ियाल की मौत के बाद उत्पन्न हुए प्रजनन संकट को देखते हुए वन विभाग ने आधी रात बड़ा कदम उठाया।
शुक्रवार देर रात करीब 12 बजे चंबल नदी से एक स्वस्थ और परिपक्व नर घड़ियाल को विशेष निगरानी में सोन घड़ियाल अभ्यारण (जोगदह) लाकर सोन नदी में सुरक्षित रूप से छोड़ा गया।

बताया जा रहा है कि वर्ष 2021–22 में दोनों नर घड़ियालों की मौत के बाद सोन अभ्यारण में प्रजनन पूरी तरह ठप हो गया था। मादाएं अंडे दे रही थीं, लेकिन निषेचन न होने से एक भी शिशु जन्म नहीं ले पा रहा था।
इसी संकट को तोड़ने के लिए चंबल से लाए गए नर घड़ियाल की मौजूदगी में पांच मादा घड़ियालों से 132 शिशुओं का ऐतिहासिक जन्म हुआ था, जो बीते नौ वर्षों की सबसे बड़ी सफलता मानी गई।

अब उस नर घड़ियाल की मौत के बाद वन विभाग ने फिर वही रणनीति अपनाई है। विशेषज्ञों के अनुसार, चंबल नदी दुनिया की 80% से अधिक घड़ियाल आबादी का प्राकृतिक घर है और वहां के नर घड़ियाल प्रजनन के लिए सबसे उपयुक्त माने जाते हैं।
वन विभाग का यह कदम सोन नदी में घड़ियालों के भविष्य को बचाने की दिशा में नई उम्मीद बनकर सामने आया है।