संवेदना और तकनीक का संगम:

सीधी बना मूक-बधिरों के लिए QR Code आधारित साइन लैंग्वेज ट्रांसलेटर लागू करने वाला देश का पहला पुलिस जिला**

STATE NEWS AI | Journalist: Suraj Kumar

सीधी।

दिव्यांगजनों, विशेषकर मूक-बधिर नागरिकों के लिए सीधी पुलिस ने एक ऐतिहासिक पहल करते हुए जिले के सभी थानों और चौकियों में QR Code आधारित साइन लैंग्वेज ट्रांसलेटर सुविधा लागू की है। इसके साथ ही सीधी देश का पहला ऐसा पुलिस जिला बन गया है जहां मूक-बधिर फरियादियों की शिकायत दर्ज करने के लिए लाइव साइन लैंग्वेज इंटरप्रेटर की व्यवस्था की गई है।

पुलिस अधीक्षक श्री संतोष कोरी के नेतृत्व में आयोजित राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला में इस तकनीक का शुभारंभ किया गया। बेंगलुरु स्थित SignAble Communication की डायरेक्टर रुपमणि छेत्री द्वारा विकसित QR Code को स्कैन करते ही वीडियो कॉल के माध्यम से साइन लैंग्वेज इंटरप्रेटर से तुरंत संपर्क हो सकेगा, जो पुलिस और फरियादी के बीच संवाद स्थापित करेगा।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि इंदौर के समाजसेवी श्री ज्ञानेंद्र पुरोहित रहे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को साइन लैंग्वेज का व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया। इस दौरान लाइव डेमो भी प्रस्तुत किया गया।

पुलिस अधीक्षक श्री कोरी ने कहा कि “यह QR Code केवल तकनीक नहीं, बल्कि मूक-बधिर नागरिकों के लिए न्याय का भरोसा है।”

कार्यशाला में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अरविंद श्रीवास्तव, परिविक्षाधीन डीएसपी सुजीत कड़वे, रक्षित निरीक्षक वीरेंद्र कुमरे सहित जिले भर के थाना प्रभारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।

अंत में श्री ज्ञानेंद्र पुरोहित को शाल-श्रीफल व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।