Sat, July 11, 2026
India's 1st AI-Enabled News Ecosystem
ताज़ा खबर
🚨 लापरवाही बरतने वाले समूह तत्काल हटाए जाएं, बच्चों को मिले गुणवत्तापूर्ण मध्याह्न भोजन :- कलेक्टर वर्मा - Shivpuri 🚨 किसान बच्चों समेत बैठे बेयरहाउस के गेट पर धरने पर 🚨 रनेह पुलिस अभिरक्षा से भागा आरोपी गिरफ्तार,चल रही पूछताछ ,मामले में तीन पुलिसकर्मी हो चुके निलंबित... 🚨 झीलों की नगरी मे होगा आदित्योदय का शुभ आगमन 🚨 लापरवाही बरतने वाले समूह तत्काल हटाए जाएं, बच्चों को मिले गुणवत्तापूर्ण मध्याह्न भोजन :- कलेक्टर वर्मा - Shivpuri 🚨 किसान बच्चों समेत बैठे बेयरहाउस के गेट पर धरने पर 🚨 रनेह पुलिस अभिरक्षा से भागा आरोपी गिरफ्तार,चल रही पूछताछ ,मामले में तीन पुलिसकर्मी हो चुके निलंबित... 🚨 झीलों की नगरी मे होगा आदित्योदय का शुभ आगमन 🚨 लापरवाही बरतने वाले समूह तत्काल हटाए जाएं, बच्चों को मिले गुणवत्तापूर्ण मध्याह्न भोजन :- कलेक्टर वर्मा - Shivpuri 🚨 किसान बच्चों समेत बैठे बेयरहाउस के गेट पर धरने पर 🚨 रनेह पुलिस अभिरक्षा से भागा आरोपी गिरफ्तार,चल रही पूछताछ ,मामले में तीन पुलिसकर्मी हो चुके निलंबित... 🚨 झीलों की नगरी मे होगा आदित्योदय का शुभ आगमन

भारत–अमेरिका व्यापार समझौते पर पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल का तीखा हमला

भारत–अमेरिका व्यापार समझौते पर पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल का तीखा हमला

भारत–अमेरिका व्यापार समझौते पर पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल का तीखा हमला

भारत–अमेरिका व्यापार समझौते पर पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल का तीखा हमला

STATE NEWS AI | भोपाल

जर्नलिस्ट : सूरज कुमार

भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर सियासत तेज हो गई है। मध्य प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) के सदस्य कमलेश्वर पटेल ने इस समझौते पर गंभीर सवाल उठाते हुए केंद्र सरकार को कटघरे में खड़ा किया है।

कमलेश्वर पटेल ने कहा कि सामने आए तथ्यों के अनुसार यह व्यापार समझौता देश के किसानों, छोटे व्यापारियों और घरेलू उद्योगों के हितों के खिलाफ साबित हो सकता है। उन्होंने मांग की कि सरकार इस समझौते को लेकर देश के सामने स्पष्ट और पारदर्शी जवाब दे।

उन्होंने बताया कि उपलब्ध जानकारियों के मुताबिक इस समझौते के तहत अमेरिकी उत्पादों को भारत में शून्य आयात शुल्क पर प्रवेश दिया जाएगा। इनमें सूखे मेवे, फल-सब्ज़ियां, मदिरा और स्पिरिट्स जैसे उत्पाद शामिल हैं। वहीं भारत द्वारा औद्योगिक वस्तुओं पर लगने वाले शुल्क को वर्तमान लगभग 13.5 प्रतिशत से घटाकर शून्य करने की बात भी सामने आ रही है।

कमलेश्वर पटेल ने कहा कि समझौते के अंतर्गत भारत द्वारा अमेरिका से तेल, गैस और प्रोपेन जैसे ऊर्जा संसाधनों की खरीद बढ़ाने तथा लगभग 500 अरब डॉलर मूल्य के अमेरिकी उत्पादों की खरीद का वचन देने की जानकारी भी सामने आई है, जिसमें कृषि उत्पाद शामिल बताए जा रहे हैं। साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि भारत को रूसी तेल की खरीद बंद करनी होगी, जो देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से गंभीर विषय है।

उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जहां भारतीय बाजार को अमेरिकी उत्पादों के लिए पूरी तरह खोला जा रहा है, वहीं भारतीय उत्पादों पर अमेरिका में लगभग 18 प्रतिशत आयात शुल्क बनाए रखा जाएगा। यदि यह सही है तो यह एक स्पष्ट असंतुलित और एकतरफा समझौता है।

कमलेश्वर पटेल ने कहा कि सस्ते विदेशी आयात से भारतीय किसान, छोटे व्यापारी और स्थानीय उद्योग सीधे तौर पर प्रभावित होंगे, जबकि भारतीय उत्पादों को अमेरिकी बाजार में समान अवसर नहीं मिलेगा।

पूर्व मंत्री ने केंद्र सरकार से सीधा सवाल किया कि यदि इस समझौते से देश के अन्नदाता और व्यापारियों को नुकसान की आशंका थी, तो फिर सरकार ने किन परिस्थितियों में ऐसे प्रावधानों पर सहमति दी और भारत के आर्थिक हितों को जोखिम में क्यों डाला गया।

उन्होंने इस पूरे मामले को अत्यंत गंभीर बताते हुए मांग की कि व्यापार समझौते का पूर्ण विवरण सार्वजनिक किया जाए और संसद में इस पर व्यापक चर्चा कराई जाए, ताकि देश की जनता सच्चाई जान सके और राष्ट्रीय हितों की रक्षा सुनिश्चित हो।

अंत में कमलेश्वर पटेल ने कहा कि किसी भी सरकार की पहली जिम्मेदारी देश के नागरिकों, किसानों और व्यापारियों के हितों की रक्षा करना है, और इस मुद्दे पर जवाबदेही से बचा नहीं जा सकता।

Reactions
Comments (0)
× Full-size image