ओंकारेश्वर
तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर में महाराष्ट्र के पालघर निवासी नत्थू वनगा 60 श्रद्धालुओं के साथ भगवान ओंकारेश्वर के दर्शन हेतु पहुंचे, जिनकी उन्होंने हाल ही में “घर वापसी” करवाई है। सनातन धर्म में वापसी करवाई
नत्थू वनगा ने बताया कि आदिवासी समाज, जो सदियों से जंगलों और प्रकृति का संरक्षण करता आया है, आज मिशनरी गतिविधियों के प्रभाव में आकर अपने मूल धर्म से दूर होता जा रहा है। उनके अनुसार, मिशनरी लोग झूठे प्रलोभन, आर्थिक सहायता और आकर्षक वादों के जरिए लोगों का धर्म परिवर्तन कराते हैं।
उन्होंने दावा किया कि अब तक वे 2000 से 3000 लोगों की घर वापसी अपने मूल धर्म में वापसी करवा चुके हैं। यह कार्य वे निरंतर जनजागरण, संवाद और धार्मिक चेतना के माध्यम से कर रहे हैं।
इस दौरान नाथू वांगा ने कहा कि ओंकारेश्वर लाए गए इन 60 लोगों को भगवान के दर्शन कराकर उन्हें अपनी संस्कृति, परंपरा और आस्था से पुनः जोड़ना उनका मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने यह भी कहा कि आधुनिकता के इस दौर में अपनी जड़ों को पहचानना और उनसे जुड़े रहना बेहद जरूरी है।
तीर्थ नगरी में इस सामूहिक आगमन ने श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों का ध्यान आकर्षित किया है।
यह पहल न केवल धार्मिक जागरूकता बढ़ाने का प्रयास है, बल्कि समाज में अपनी पहचान और मूल्यों को संरक्षित रखने का संदेश भी दे रही है।

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