अनाधिकृत आंकड़ों से झुलस रहा जिला, मोबाइल एप के भरोसे तापमान की जानकारी ,इकाई बंद होने के दो सप्ताह बाद भी प्रशासन को सुध नहीं, किसान संघ ने उठाई मांग

बड़वानी-अप्रैल माह के दौरान जिले का वातावरण अब अपनी तासीर की ओर लौट चुका हैं। सुबह 10 बजे से तेज धूप और गर्म हवाओं के थपेड़ों के चलते जनजीवन बुरी तरह झुलसने लगा हैं। वहीं दिन में 12 से शाम 4 बजे के मध्य मुख्य मार्गों के साथ कॉलोनी-मोहल्लों में गर्मी का लॉक डाउन नजर आने लगा है। वहीं शहर से 8 किमी दूर तलून केवीके केंद्र पर लगे मौसमी इकाई पर तालाबंदी के बाद अधिकृत तापमान की जानकारी नहीं मिल पा रही है। ऐसे में भीषण गर्मी के दौरान जिला तापमान के अनाधिकृत आंकड़ों में झुलस रहा है।ऐसे में मोबाइल एप पर ही लोग दिन-रात के तापमान के आंकड़े देखकर गर्मी का आकलन निकाल रहे हैं। वहीं मौसम इकाई बंद होने के बावजूद अब तक जिला प्रशासन द्वारा इस ओर कोई पहल नहीं की गई हैं।

भारतीय किसान संघ के जिला मंत्री कमलसिंह तोमर ने कहा कि बड़वानी जिला खेती-किसानी पर निर्भर है।
जिले में आम जनजीवन के साथ किसानों को दिन-रात के तापमान और आगामी मौसम के पूर्वानुमान से फसलों की देखभाल में सुविधा मिलती हैं। 1 अप्रैल से दिन-रात के तापमान की अधिकृत जानकारी और मौसम के पुर्वानुमान की जानकारी नहीं मिल पा रही हैं। ऐसे में किसानों को भी गर्मी की फसलों की देखभाल में दिक्कत आएगी। वहीं भीषण गर्मी के दौरान जनजीवन पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव को लेकर स्वास्थ्य विभाग भी समय पर एडवाइजरी या राहत उपाय नहीं कर पाएगा। इस संबंध में कलेक्टर से मिलकर ग्राम तलून में स्थापित मौसम इकाई की व्यवस्था स्थानीय स्तर पर शुरु करने की मांग करेंगे।

मोबाइल पर 41 डिग्री रहा दिन का पारा

मोबाइल एप पर शहर का अधिकतम तापमान 41 व न्यूनतम  23 डिग्री दर्ज हुआ। बता दें कि करीब डेढ़-दो दशक पूर्व तक राजघाट नर्मदा किनारे तापमापी यंत्र से तापमान की जानकारी मिलती थी। सरदार सरोवर बांध की डूब के चलते वो सुविधा बंद हुई तो शहर के एक सामाजिक कार्यकर्ता द्वारा अपनी निजी माप इकाई के माध्यम से तापमान की जानकारी जुटाई जाने लगी। हालांकि वर्ष 2019 से भारत मौसम विभाग द्वारा ग्राम तलून के मौसम इकाई शुरु करने से गर्मी, वर्षा व ठंड के दिनों में तापमान की स्पष्ट जानकारी मिलने लगी। जिससे किसान व आमजन अपनी रोजमर्रा के कामकाजों में सावधानी बरतने व राहत-बचाव कामों को अंजाम देते थे।