बल्देवगढ़। जनपद पंचायत बल्देवगढ़ में वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई है। आरोप है कि जनपद पंचायत की लेखा शाखा में पदस्थ प्रभारी कर्मचारी द्वारा मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) की विधिवत स्वीकृति और हस्ताक्षर के बिना ही नोटशीटों को आगे बढ़ाकर पंचायत दर्पण पोर्टल के माध्यम से लाखों रुपये के भुगतान की प्रक्रिया पूरी कराई गई। मामला सामने आने के बाद जनपद कार्यालय में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग उठने लगी है।
सूत्रों के अनुसार, कई ऐसे भुगतान चिन्हित किए जा रहे हैं जिनसे संबंधित नोटशीटों पर सक्षम अधिकारी की अंतिम स्वीकृति और हस्ताक्षर उपलब्ध नहीं बताए जा रहे हैं। इसके बावजूद उक्त प्रकरणों को पंचायत दर्पण पोर्टल पर दर्ज कर भुगतान जारी किए जाने के आरोप लगाए जा रहे हैं। यदि जांच में यह तथ्य सही पाए जाते हैं तो यह वित्तीय नियमों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के उल्लंघन का गंभीर मामला माना जा सकता है।
मामले को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों तथा पंचायत व्यवस्था से जुड़े लोगों ने सवाल उठाते हुए संपूर्ण भुगतान प्रक्रिया की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि संबंधित अवधि के सभी भुगतान अभिलेख, नोटशीट, स्वीकृति पत्र तथा पंचायत दर्पण पोर्टल की प्रविष्टियों का मिलान कर वास्तविक स्थिति सार्वजनिक की जानी चाहिए। साथ ही यह भी पता लगाया जाना चाहिए कि भुगतान प्रक्रिया में किस स्तर पर स्वीकृतियां दी गईं और नियमों का पालन हुआ या नहीं।
जानकारों का मानना है कि सरकारी वित्तीय मामलों में निर्धारित प्रक्रिया और सक्षम अधिकारी की स्वीकृति अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में यदि किसी स्तर पर नियमों की अनदेखी हुई है तो संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय होना आवश्यक है। वहीं दूसरी ओर जांच पूरी होने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
फिलहाल जनपद पंचायत प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब सबकी निगाहें संभावित जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और भुगतान प्रक्रिया में कहीं कोई अनियमितता हुई है या नहीं।
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