अनूपपुर में हाथियों का आतंक, फसल और संपत्तियों को भारी नुकसान

अनूपपुर के बरबसपुर में बुधवार और गुरुवार की मध्य रात्रि एक जंगली हाथी ने एक आदिवासी के घर की दीवार तोड़ दी, जिससे 70 वर्षीय वृद्ध पुरुष दीवार के मलबे में दबकर घायल हो गए। उन्हें तत्काल जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। यह हाथी गांव में फसलों और घरों में तोड़फोड़ करता रहा और सुबह होते-होते खांड़ा गांव के जंगल में विश्राम करने चला गया।

पिछले डेढ़ महीने से हाथियों के आतंक से ग्रामीणों की रातों की नींद उड़ी हुई है। हाथी रात के समय गांवों में आकर संपत्तियों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, जिससे ग्रामीण भयभीत और दहशत में जीवन बिताने को मजबूर हैं।

दूसरे दिन की घटना:

  • एक दांत वाला नर हाथी खांड़ा गांव के जंगल में समय बिताते हुए शाम को खांड़ा बांध से होते हुए गांव में प्रवेश कर गया।
  • इस दौरान उसने मझलू पिता गोरे साहू के घर की दीवार तोड़ी और फिर बरबसपुर में जाकर एक और घर को निशाना बनाया।
  • विशाल भैना के घर की दीवार तोड़ने के बाद हाथी ने घर में रखे धान की बोरियों को बाहर निकाल कर धान खाया।

वन विभाग के अधिकारी स्वर्ण गौरव सिंह ने घायल वृद्ध को प्राथमिक सहायता राशि दी।

अन्य हाथियों की गतिविधियां:

  • वन परिक्षेत्र थाना एवं तहसील जैतहरी के धनगवां बीट के जंगल में दो अन्य हाथी अपने तीसरे साथी से अलग होकर रह रहे हैं।
  • ये हाथी भी दिन और रात के समय जंगल के अंदर ही समय व्यतीत कर रहे हैं।

ग्रामीणों को सलाह दी गई है कि वे रात के समय सतर्क रहें और वन विभाग के निर्देशों का पालन करें।

हाथियों के लगातार हमलों से अनूपपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में दहशत का माहौल बना हुआ है। वन विभाग को इन घटनाओं पर नियंत्रण पाने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।