पट्टों के वितरण पर उठे सवाल: कांग्रेस ने प्रशासन से मांगा जवाब
अशोकनगर/मुंगावली। नगर परिषद के वार्ड क्रमांक 15 में पिपरई रोड स्थित नवीन कृषि उपज मंडी के पीछे रहने वाले 32 घुमक्कड़ जाति के परिवारों को आवासीय पट्टों का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। कांग्रेस ने इस प्रक्रिया की वैधता पर सवाल उठाते हुए जांच की मांग की है।
- कांग्रेस का आरोप है कि 2023 विधानसभा चुनाव में भाजपा के पक्ष में वोट देने की शर्त पर पट्टे वितरित किए गए थे।
- तीन साल बाद भी इन परिवारों को संबंधित जमीन पर कब्जा नहीं मिल पाया है।
- कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन से स्पष्ट जानकारी और दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग की है।
- मामले की जानकारी सोशल मीडिया पर फैलने के बाद प्रशासन ने एक संयुक्त पत्र जारी किया, जिसमें सूची को वैध बताया गया है।
- कांग्रेस ने प्रशासन द्वारा जारी पत्र की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं।
प्रशासन से कांग्रेस ने मांगे पांच स्पष्ट जवाब:
- पट्टे किस अधिकारी के आदेश से जारी किए गए?
- आदेश का प्रकरण क्रमांक और तारीख क्या है?
- भू-अधिकार पत्र किसके द्वारा और कब वितरित किए गए?
- यदि पट्टे वैध हैं तो कब्जा क्यों नहीं दिया गया?
- फर्जी होने पर जिम्मेदार लोगों पर क्या कार्रवाई होगी?
कांग्रेस मध्यप्रदेश के प्रदेश महासचिव राव यादवेंद्र सिंह यादव ने इस मामले में निष्पक्ष जांच और दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि प्रशासन इस मामले में सही है, तो उसे स्पष्टता से सभी दस्तावेज प्रस्तुत करने चाहिए। यह मामला न केवल प्रशासनिक प्रक्रियाओं की पारदर्शिता पर सवाल उठाता है, बल्कि राजनीतिक दलों की नैतिकता पर भी प्रश्नचिन्ह लगाता है।
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