खकनार में प्याज के फूलों की खेती बनी किसानों की आमदनी का नया जरिया

खकनार क्षेत्र में इस वर्ष प्याज के फूलों की खेती का रकबा तेजी से बढ़ रहा है। पिछले वर्ष जहां यह फसल लगभग 60 हेक्टेयर में थी, वहीं इस बार यह क्षेत्र 200 से 250 हेक्टेयर तक फैल गया है। किसानों के लिए प्याज अब सिर्फ एक फसल नहीं, बल्कि आमदनी का महत्वपूर्ण स्रोत बन गया है।

ताजा रिपोर्ट के अनुसार, प्याज के फूलों से प्राप्त बीजों की बाजार में भारी मांग है और इस वर्ष इन बीजों के भाव 50 हजार प्रति क्विंटल तक पहुंचने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्याज के फूलों से बीज उत्पादन कर किसान पारंपरिक खेती की तुलना में अधिक मुनाफा कमा सकते हैं।

कृषि विशेषज्ञों की सलाह

कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि वैज्ञानिक तरीकों से यदि बीज तैयार किए जाएं, तो किसानों को बेहतर दाम मिल सकते हैं। हालांकि, मधुमक्खियों की कमी के कारण बीज उत्पादन में बाधा आ सकती है, जिसका अनुमान किसान पहले ही लगा चुके हैं।

अधिकारियों की राय

अभिषेक पटेल, उद्यानिकी अधिकारी, खकनार: "फूल वाले प्याज की फसल का रकबा इस वर्ष बढ़ा है। किसानों का इस फसल के प्रति आकर्षण पिछले वर्ष की तुलना में अधिक रहा है। किसानों को फसल चक्र अपनाना चाहिए और फसल बदल-बदल कर लगाने से उन्हें अधिक लाभ मिल सकता है।"

कुल मिलाकर, खकनार में प्याज के फूलों की खेती किसानों की आमदनी बढ़ाने का एक नया और प्रभावशाली तरीका बन गई है।