नवगठित मैहर जिले में दिशा समिति की पहली बैठक: सांसद गणेश सिंह की पहल से टोल बैरियर पर लगा 'संसदीय डंडा'

मैहर: नवगठित जिला मैहर में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की पहली ऐतिहासिक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का विशेष महत्व था क्योंकि सांसद गणेश सिंह ने सतना लोकसभा क्षेत्र के तहत आने वाले सतना और मैहर जिलों के लिए अलग-अलग दिशा समितियों का गठन कर उन्हीं जिलों में बैठक कराने का निर्णय लिया। यह कदम प्रदेश के अन्य नवगठित जिलों के लिए एक प्रेरणा है।

सांसद गणेश सिंह ने सबसे पहले सतना जिले की दिशा समिति की बैठक सतना कलेक्ट्रेट में की और इसके अगले ही दिन मैहर जिले की दिशा समिति की ऐतिहासिक बैठक आयोजित की। इस बैठक में मैहर विधायक श्री श्रीकांत चतुर्वेदी भी शामिल रहे। बैठक के दौरान विकास योजनाओं, जनहित कार्यों और प्रशासनिक समन्वय पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में सांसद गणेश सिंह ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए इचौल और सोनवारी में संचालित टोल बैरियरों का मुद्दा उठाया। एमपीआरडीसी (MPRDC) के अधिकारियों से टोल बैरियरों के संचालन के आधार पर सवाल किया गया। जब अधिकारियों ने संतोषजनक जवाब नहीं दिए, तो सांसद ने सख्त रुख अपनाते हुए इन टोल बैरियरों को अवैध घोषित कर उन्हें तत्काल हटाने के निर्देश दिए।

इस निर्णय से क्षेत्रवासियों को बड़ी राहत मिलने की संभावना है। बैठक में सांसद की सक्रिय भूमिका और कड़े तेवरों ने यह स्पष्ट कर दिया कि नवगठित जिला मैहर में विकास, पारदर्शिता और जनहित से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

दिशा समिति की यह पहली बैठक मैहर जिले के लिए विकास की नई दिशा और सशक्त निगरानी व्यवस्था की शुरुआत मानी जा रही है, जिससे जिले के नागरिकों को लाभ होगा।