गौरझामर में 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' सम्मेलन: महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम

सागर जिले के ग्राम पंचायत गौरझामर में शुक्रवार को 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' के उपलक्ष्य में एक भव्य सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में क्षेत्र की सैकड़ों महिलाओं ने भाग लिया और महिला सशक्तिकरण की दिशा में सरकार द्वारा उठाए गए कदमों पर चर्चा की।

प्रमुख अतिथियों का संबोधन

सम्मेलन में मुख्य वक्ता के रूप में भाजपा ग्रामीण जिला अध्यक्ष रानी कुशवाहा उपस्थित रहीं। उनके साथ सागर जिले की महामंत्री उमा खटीक, पूर्व मंत्री प्रीति पटवारी, सरपंच बबीता विश्वकर्मा, महिला बाल विकास अधिकारी ज्योति चौरसिया और महिला मोर्चा अध्यक्ष अनीता पटेल ने भी मंच साझा किया और नारी शक्ति को जागरूक किया।

जिला अध्यक्ष रानी कुशवाहा ने अपने संबोधन में कहा कि 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' देश की राजनीति और समाज में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने वाला एक ऐतिहासिक कानून है। उन्होंने जोर देते हुए कहा:

"हमारी सरकार महिलाओं के सम्मान, उनकी सुरक्षा और सर्वांगीण सशक्तिकरण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह अधिनियम केवल एक कानून नहीं, बल्कि महिलाओं को उनका वाजिब हक दिलाने का एक सशक्त संकल्प है।"

प्रमुख वक्ताओं के विचार

  • उमा खटीक एवं प्रीति पटवारी: उन्होंने ग्रामीण महिलाओं को सरकार की विभिन्न योजनाओं के बारे में बताते हुए कहा कि अब महिलाएं हर क्षेत्र में नेतृत्व करने के लिए तैयार हैं।
  • ज्योति चौरसिया: महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से उन्होंने विभागीय योजनाओं और पोषण व सुरक्षा से जुड़ी जानकारियाँ साझा कीं।
  • बबीता विश्वकर्मा: स्थानीय सरपंच ने गाँव के विकास में महिलाओं की भूमिका को रेखांकित किया।

सम्मेलन का उद्देश्य

इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण स्तर पर महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और राजनीति में उनकी बढ़ती भूमिका का जश्न मनाना था। वक्ताओं ने इस बात पर खुशी जाहिर की कि अब पंचायत से लेकर संसद तक महिलाओं की आवाज और अधिक मजबूती से गूंजेगी।

यह सम्मेलन न केवल महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास था, बल्कि यह सरकार के उस संकल्प को भी दर्शाता है जो महिलाओं को उनके अधिकारों और सम्मान के प्रति जागरूक करने के लिए प्रतिबद्ध है।