सांची विकासखंड: गीदगढ़ से महुआखेड़ा सड़क निर्माण दो साल से अधूरा, ग्रामीणों को भारी परेशानी

 

रायसेन जिले के सांची विकासखंड के ग्राम पंचायत गीदगढ़ में स्वीकृत ग्रेवल सड़क का निर्माण कार्य दो वर्षों से अधूरा पड़ा है, जिससे हजारों ग्रामीणों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। गीदगढ़ से महुआखेड़ा तक करीब 2 किलोमीटर लंबी इस सड़क का भूमि पूजन क्षेत्रीय विधायक डॉ. प्रभुराम चौधरी ने लगभग दो साल पहले किया था। इस सड़क का निर्माण ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (आरईएस) विभाग द्वारा करीब 62 लाख रुपये की लागत से किया जाना था, लेकिन आज तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है।

सड़क नहीं बनने के कारण क्षेत्र के 8 से 10 गांवों के हजारों ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से बरसात के मौसम में स्थिति गंभीर हो जाती है, जब रास्ता पूरी तरह कीचड़ में बदल जाता है। मजबूरी में ग्रामीण रेलवे लाइन के ऊपर से आवागमन करते हैं, जोकि खतरनाक साबित हो रहा है।

  • महुआखेड़ा की बुजुर्ग शांति बाई बताती हैं कि उनकी बहू, बेटा, पोती और पोता रेलवे लाइन से गुजर रहे थे, जब दोनों ओर से ट्रेन आ गई और चारों की दर्दनाक मौत हो गई।
  • ग्रामीणों का आरोप है कि ऐसी घटनाओं में पहले भी कई लोगों की जान जा चुकी है, लेकिन जिम्मेदार विभाग और अधिकारियों का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर नहीं जा रहा है।

ग्राम पंचायत गीदगढ़ के सरपंच लीलाकृष्णा अहिरवार का कहना है कि इस सड़क निर्माण को लेकर आरईएस विभाग के अधिकारियों को कई बार लिखित शिकायत दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

सड़क न होने से क्षेत्र में जननी एक्सप्रेस जैसी जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं भी गांव तक नहीं पहुंच पातीं, जिससे गर्भवती महिलाओं और मरीजों को भारी जोखिम उठाना पड़ता है। वहीं, स्कूली बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है, क्योंकि बरसात में स्कूल वाहन तक गांव तक नहीं पहुंच पाता।

प्रश्न उठता है: जब सड़क के लिए बजट स्वीकृत हो चुका है और भूमि पूजन भी हो गया, तो आखिर दो साल बाद भी निर्माण कार्य क्यों शुरू नहीं हुआ? क्या विभागीय लापरवाही और ठेकेदार की उदासीनता के बीच ग्रामीणों की जान की कोई कीमत नहीं है?

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए तथा जल्द से जल्द सड़क निर्माण कार्य शुरू कराया जाए, ताकि क्षेत्र के लोगों को राहत मिल सके।