कल होगा ऐतिहासिक चातुर्मास मंगल कलश स्थापना समारोह घाटोल में धर्ममय होगा वातावरण, सिंगोली से बड़ी संख्या में गुरु सेवा संघ परिवार पहुंचेगा

 

(संवाददाता मुकेश कुमार जैन) बांसवाड़ा जिले की बांगड़ प्रांत की धार्मिक नगरी घाटोल में गुरु मां आर्यिका श्री प्रशममति माताजी एवं आर्यिका श्री उपशममति माताजी ससंघ के भव्य चातुर्मास मंगल कलश स्थापना समारोह का आयोजन 10 अगस्त, सोमवार को श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ किया जाएगा। समारोह को लेकर घाटोल सहित आसपास के क्षेत्रों में धार्मिक उल्लास का वातावरण बना हुआ है।

 

समाधिस्थ आचार्य श्री ज्ञानसागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य सप्तम पट्टाचार्य श्री ज्ञेयसागर जी महाराज की परम प्रभावक शिष्या एवं अर्हं योग प्रणेता मुनिश्री प्रणम्य सागर जी महाराज के आशीर्वाद से गुरु मां आर्यिका श्री प्रशममति माताजी एवं आर्यिका श्री उपशममति माताजी ससंघ का चातुर्मास घाटोल में होने जा रहा है।

 

दीक्षा के बाद तीसरा चातुर्मास प्राप्त जानकारी के अनुसार माताजी ससंघ का दीक्षा के पश्चात यह तीसरा चातुर्मास है। इससे पूर्व वर्ष 2024 में रानीपुर, उत्तर प्रदेश तथा वर्ष 2025 में मेवाड़ प्रांत की धार्मिक नगरी सिंगोली में माताजी ससंघ का ऐतिहासिक एवं भव्य चातुर्मास संपन्न हुआ था। सिंगोली में हुए चातुर्मास की स्मृतियां आज भी श्रद्धालुओं के मन में जीवंत हैं।

 

घाटोल में धर्म और भक्ति की बहेगी धारा,माताजी ससंघ के बांगड़ प्रांत में चातुर्मास होने से घाटोल सहित संपूर्ण क्षेत्र धर्ममय वातावरण से सराबोर है। चातुर्मास काल में विभिन्न धार्मिक, आध्यात्मिक एवं साधनामय कार्यक्रमों का आयोजन होगा। इससे बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को संत सान्निध्य एवं धर्मलाभ प्राप्त होगा।

 

सिंगोली से पहुंचेगा गुरु सेवा संघ परिवार माताजी ससंघ के चातुर्मास मंगल कलश स्थापना समारोह को लेकर सिंगोली के गुरु सेवा संघ परिवार में विशेष उत्साह है। गुरु मां के प्रति श्रद्धा एवं भक्ति भाव के साथ बड़ी संख्या में गुरु सेवा संघ परिवार के सदस्य घाटोल पहुंचकर समारोह में सहभागिता करेंगे और मंगल कलश स्थापना के साक्षी बनेंगे।

मंगल कलश स्थापना समारोह का शुभारंभ 10 अगस्त, सोमवार को दोपहर 1 बजे से होगा। समारोह को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह है तथा घाटोल नगरी भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से आलोकित होने जा रही है।