कट्ठीवाड़ा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की स्थापना के सौ वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में कट्ठीवाड़ा में एक भव्य हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस आयोजन के अंतर्गत राधाकृष्ण मंदिर से धनार माता मंदिर तक एक भव्य चल समारोह निकाला गया। समरसता भोज में बड़ी संख्या में सनातन धर्मियों ने हिस्सा लिया, जिससे आयोजन की भव्यता और बढ़ गई।
हिंदू एकजुटता पर जोर
आरएसएस के खंड सरकार्यवाह शम्भु लाल टेलर ने बताया कि इस सम्मेलन में कट्ठीवाड़ा मंडल सहित आसपास के ग्रामों से बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, युवा और महिलाएं शामिल हुईं। पीजी कॉलेज झाबुआ से आए ईश्वर सिंह डावर ने कहा कि विभिन्न जातियों और वर्गों में विभाजित हिंदुओं को एकजुट होकर धर्म और देश की मजबूती के लिए कार्य करना होगा।
उन्होंने कहा कि मौर्य साम्राज्य के बाद से सनातन धर्म में विभिन्नताएं पनपी हैं, जिन्हें आरएसएस अपने स्थापना के समय से दूर करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने हिंदू धर्मावलंबियों के सामने मतांतरण, लव जेहाद और पाश्चात्य सांस्कृतिक प्रदूषण जैसी चुनौतियों से निपटने की आवश्यकता पर बल दिया।
सम्मान और उपस्थिति
कार्यक्रम की शुरुआत हनुमान चालीसा के साथ की गई। विभिन्न समाजों के वरिष्ठ जनों को केसरिया दुपट्टा पहनाकर सम्मानित किया गया, जिनमें ओमप्रकाश गुप्ता, नटवर सिंह जादव, जिनिया भगत, धर्मा मैडम और रश्मि राठौड़ शामिल थे।
- जिला कार्यवाह नान सिंह धाकड़
- आरएसएस के विजय पाल सिंह
- वरिष्ठ भाजपा नेता मुकाम सिंह डावर
- मंडल अध्यक्ष जयराज जादव
- राजू लक्ष्यकार
- भगवान मेवाल
- आशीष जे गुप्ता
- सीमा सोलंकी
- अशोक तडवी
- महेंद्र बामणिया
- गोपाल धाकरे
- एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे
यह सम्मेलन हिंदू समाज की एकता और सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ, जिसने सभी उपस्थित लोगों को अपनी आंतरिक कमियों को दूर कर धर्म और राष्ट्र की मजबूती के लिए कार्य करने की प्रेरणा दी।
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