मुनि श्री सुधासागर जी का भव्य मंगल प्रवेश: गुना नगर में दिव्यता का आगमन
गुना: जैन धर्म के प्रतिष्ठित संत निर्यापक मुनिश्री सुधासागरजी महाराज का बुधवार को ससंघ भव्य मंगल प्रवेश हुआ, जो न केवल गुना शहर के लिए बल्कि समस्त जैन समुदाय के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है।
गुरुवार को मुनि श्री ने अपने प्रवचन में जीवन के गहन सत्य को उजागर करते हुए कहा, "जो व्यक्ति जितना त्याग करता है, प्रकृति उसे उतनी ही दिव्य विभूतियों से भर देती है।" उनका संदेश था कि भक्ति इतनी गहरी होनी चाहिए कि भगवान से कुछ मांगे बिना ही सबकुछ मिल जाए।
उन्होंने श्रावकों को निर्देश दिया कि प्रवचन सुनने के लिए कुर्सियों पर वही लोग बैठे जिनको वास्तव में आवश्यकता हो, अन्यथा हमारे शरीर को हानि पहुँच सकती है।
मीडिया प्रभारी विकास जैन नखराली ने जानकारी दी कि मुनिश्री 13 वर्षों के बाद गुना आए हैं, और उनके आगमन पर नगर को दुल्हन की तरह सजाया गया। मुनि श्री वर्तमान में बजरंग गढ़ रोड स्थित नसिया जी में बिराजमान हैं।
बजरंग कमेटी के अध्यक्ष एस के जैन और मंत्री प्रदीप जैन ने बताया कि मुनि श्री के प्रतिदिन के प्रवचन सुवह 7:40 पर आरंभ होते हैं। प्रवचन के बाद नसिया जी के प्रांगण में मुनी श्री की आहार चर्या होती है। शाम 6 बजे प्रतिदिन जिज्ञासा समाधान लाइव किया जाता है, जिसका सीधा प्रसारण 140 देशों में हो रहा है।
मुनि श्री के प्रवचनों से श्रद्धालुओं को न केवल आध्यात्मिक शांति मिल रही है बल्कि जीवन जीने की नई दिशा भी मिल रही है।

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