ग्वालियर में शादी के लिए इनकार करने पर जेठ द्वारा एसिड अटैक से घायल एक विधवा महिला की दर्दनाक मौत हो गई। करीष दो महीने पहले अपने जेठ द्वारा एसिड अटैक की शिकार हुई 25 साल की विधवा महिला ने 58 दिनों तक मौत से संघर्ष करने के बाद आखिर दम तोड़ दिया। इलाज के दौरान दिल्ली के अस्पताल में उसकी मौत हो गई। तेजाब की जलन ने उसके शरीर में गंभीर संक्रमण फैला दिया था। जिसे डॉक्टर तमाम कोशिशों के बावजूद नहीं रोक सके। आरोपी जेठ पहले से ही जेल में है। अब पुलिस उस पर हत्या की धारा बढ़ाएगी। दअरसल यह वारदात 7 नवंबर की शाम को हुई थी। पीड़िता ने मरणासन्न बयानों में बताया था कि 10 महीने पहले उसके पति का निधन हो गया था। जिसके बाद वह अपने दो मासूम बच्चों के साथ मायके में रह रही थी। उसका वहशी जेठ उस पर लगातार गंदी नियत और शादी करने का दबाव बना रहा था और तीन बार उसके साथ ज्यादती की कोशिश भी कर चुका था वारदात वाले दिन जब बच्चे आंगन में खेल रहे थे तब जेठ काला तेजाब लेकर आया और उसे बच्चों के सामने ही आग के हवाले कर भाग गया। तेजाब की मार इतनी घातक थी कि महिला का शरीर बुरी तरह झुलस चुका था। ग्वालियर से उसे गंभीर हालत में दिल्ली रेफर किया गया था। दिल्ली में 58 दिनों तक वह हर पल असहनीय दर्द से जूझती रही। डॉक्टरों के अनुसार तेजाब की वजह से त्वचा और अंदरूनी अंगों में गहरा इंफेक्शन फैल गया था। शनिवार देर रात उसकी सांसें थम गई। कंपू थाना पुलिस ने आरोपी को वारदात के तुरंत बाद ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। अब महिला की मौत के बाद मामले में धारा 302 के तहत हत्या का केस दर्ज करेगी। पुलिस दिल्ली से मृतका के पोस्टमार्टम की रिपोर्ट और अन्य साक्ष्य जुटा रही है।