विजयपुर:  क्षेत्र के गसवानी थाना अंतर्गत हुए एक दिल दहला देने वाले अंधे कत्ल ने भाईचारे की सभी सीमाएं तोड़ दीं। मृतक रिंकू धाकड़ की निर्मम हत्या उसके सगे भाई राजेन्द्र धाकड़ ने अपने साथी रामसिंह उर्फ भूरा के साथ मिलकर की। पुलिस की गहन जांच ने इस भयानक साजिश की परत-दर-परत कहानी को उजागर किया है, जिसने पूरे क्षेत्र को हिला कर रख दिया है।

गसवानी थाना पुलिस ने इस अंधे कत्ल का प्रकरण बीएनएस की धाराओं के तहत दर्ज किया था। इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा पुलिस अधीक्षक श्योपुर सुधीर कुमार अग्रवाल के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रवीन कुमार भूरिया के मार्गदर्शन में और एसडीओपी विजयपुर राघवेन्द्र सिंह तोमर के नेतृत्व में गठित विशेष पुलिस टीम ने किया।

17 दिसंबर 2025 को ग्राम धोवनी निवासी पूरन धाकड़ ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनका पुत्र रिंकू धाकड़ ग्वालियर से खेत पर पानी देने की बात कहकर निकला था, लेकिन लौटकर नहीं आया। तलाश के दौरान सिद्ध वाले खेत के कमरे में रिंकू का खून से सना शव मिला। गर्दन बुरी तरह कटी हुई थी और पास ही लोहे का भारी पाइप पड़ा था।

जांच के दौरान उभरे तथ्य

जांच में सामने आया कि आरोपी राजेन्द्र धाकड़ और मृतक रिंकू धाकड़ के बीच लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। इसके अलावा, एक साल पहले रिंकू द्वारा राजेन्द्र की पत्नी के साथ की गई छेड़छाड़ ने इस विवाद को और गहरा कर दिया।

पुलिस के अनुसार, राजेन्द्र ने एक साल पहले ही हत्या की साजिश रच डाली थी। उसने खेत के कमरे में पहले से एक तेज धारदार हथियार (गडसा) छिपाकर रखा और सही मौके का इंतजार करता रहा। 16 दिसंबर 2025 को उसने रिंकू को ग्वालियर से खेत पर पानी देने के बहाने बुलाया और वहां शराब पिलाकर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसडीओपी विजयपुर राघवेन्द्र सिंह तोमर ने बताया कि यह एक सुनियोजित, निर्मम और जघन्य अपराध है। आरोपी ने पारिवारिक रिश्तों की हर मर्यादा को लांघते हुए अपने ही सगे भाई की हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी राजेन्द्र धाकड़ और रामसिंह उर्फ भूरा को गिरफ्तार कर लिया है। हत्या में प्रयुक्त हथियार जप्त किए जा रहे हैं।

इस सनसनीखेज अंधे कत्ल के खुलासे में गसवानी थाना प्रभारी रीना राजावत और उनकी टीम की अहम भूमिका रही।