ईरान-इजराइल संघर्ष के बीच में नर्मदापुरम जिले में बासमती चावल उद्योग पर संकट लगता दिखाई दे रहा हैं, मध्यप्रदेश में निर्यात ठप होता जा रहा है
मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम जिले में बासमती चावल कारोबार पर ईरान और इजराइल के बीच चल रही जंग का गहरा असर पड़ा है। खाड़ी देशों में निर्यात पिछले 6 दिनों से पूरी तरह से ठप हो गया है, जिससे करोड़ों रुपये का चावल बंदरगाहों और समुद्र में फंसा हुआ है।
निर्यात पर गंभीर प्रभाव
- नर्मदापुरम जिले से रोजाना करीब 1200 टन बासमती चावल खाड़ी देशों में भेजा जाता था, जबकि इटारसी और पिपरिया के कारखानों से 20 से 25 टन चावल निर्यात होता था।
- समुद्री मार्ग प्रभावित होने के कारण निर्यात में रुकावट आने से राइस मिलों के गोदाम तेजी से भर गए हैं।
उत्पादन बंद और मजदूरों पर असर
- कई प्रोडक्शन यूनिट को मजबूरन उत्पादन बंद करना पड़ा है, जिससे मजदूरों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है।
- मंडियों में धान की कीमतों में गिरावट आने से किसान भी परेशान हैं।
भविष्य में संकट की आशंका
इटारसी के चावल कारोबारी पंकज अग्रवाल के अनुसार, यदि जल्द ही स्थिति सामान्य नहीं हुई, तो नर्मदापुरम का बासमती चावल उद्योग बड़े संकट में आ सकता है।
फिलहाल, यह संघर्ष व्यापार, मजदूरों और किसानों पर सीधा प्रभाव डाल रहा है।

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