मध्य प्रदेश के रीवा में जैन संतों की असामयिक मृत्यु पर केसली में शोक और आक्रोश
केसली (सागर)- मध्य प्रदेश के रीवा जिले में पूज्य 105 श्रुति माताजी और 105 उपशम मती माताजी की सड़क दुर्घटना में असामयिक मृत्यु का समाचार अत्यंत दुःखद और हृदय विदारक है। इस हादसे ने न केवल जैन समाज, बल्कि पूरे संत समाज और सर्व समाज को गहरे शोक में डाल दिया है। संतों की सुरक्षा को लेकर उठ रहे सवालों के बीच, जैन समाज ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर पैदल विहार करने वाले साधु-साध्वियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
संतों की सुरक्षा के लिए प्रशासन को ज्ञापन
सागर जिले के केसली में सकल जैन समाज और वैश्य महासम्मेलन ग्रुप ने स्थानीय तहसीलदार को एक संयुक्त ज्ञापन सौंपा। इसमें घटना पर कड़ा रोष व्यक्त करते हुए दोषी चालक पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। समाज के प्रबुद्ध जनों ने कहा कि जैन साधु-साध्वी जन त्याग और तपस्या के प्रतीक हैं और उनके विहार के दौरान उनकी सुरक्षा प्रशासन की नैतिक और संवैधानिक जिम्मेदारी है।
समाज की मुख्य मांगें
- दोषी पर कड़ी कार्रवाई: रीवा हादसे के जिम्मेदार वाहन चालक के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं में सख्त कार्रवाई की जाए।
- विहार के दौरान सुरक्षा कॉरिडोर: राष्ट्रीय और राज्यीय राजमार्गों पर जैन संतों के विहार के समय पुलिस पेट्रोलिंग और विशेष सुरक्षा संकेतक लगाए जाएं।
- यातायात नियमों का कड़ाई से पालन: भारी वाहनों की गति सीमा पर नियंत्रण के लिए कड़े नियम बनाए जाएं।
ज्ञापन सौंपते समय उपस्थित लोग
केसली थाना/तहसील कार्यालय में ज्ञापन सौंपने के दौरान जैन समाज और वैश्य महासम्मेलन ग्रुप के प्रमुख पदाधिकारी एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इनमें प्रमुख रूप से राजेंद्र जैन, अतुल भाई डेवढ़िया, विमल डेवढ़िया, अनिल सिंघई, मुकेश भायजी, पवन जैन, मनोज जैन ,अरविंद भायजी, जिनेंद्र जैन और श्रीमती प्रीति पटवारी सहित बड़ी संख्या में जैन समाज के अन्य लोग शामिल रहे ।
इस घटना को लेकर क्षेत्र में गहरा सन्नाटा और दुख का माहौल है। समाज ने प्रशासन से तत्काल ठोस कदम उठाने की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
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