अगर आप विकास देखना चाहते हैं, तो करहीकला गांव का दौरा करें, जहां विकास की अनदेखी और सरकारी धन के दुरुपयोग की कहानी खुद-ब-खुद सामने आ जाती है। गांव की सरपंच स्नेहलता पुष्पेंद्र सिंह ने अपने ही मोहल्ले की सड़क को ठीक से नहीं बनवाया। वर्षों से खुदी नाली दुर्घटनाओं को आमंत्रण दे रही है, और सड़कों पर बहता नाली का पानी अब तक के हुए विकास की सच्चाई बयान कर रहा है।

टमस नदी के किनारे स्थित खेल मैदान के पास भी विकास कार्यों की अनदेखी साफ दिखाई देती है, जिसकी जांच आवश्यक है। हाल ही में सोशल मीडिया पर खबर चलने के बाद सरपंच के घर के पास हनुमान मंदिर में चबूतरा निर्माण का काम शुरू हो गया है।

शासन के पंचायत दर्पण पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों के अनुसार, मंदिर में चबूतरे के निर्माण की राशि पहले ही निकाली जा चुकी है। अब सवाल उठता है कि जनपद के जिम्मेदार अधिकारी, चाहे वे सीईओ हों या उपयंत्री, सहायक यंत्री ही क्यों न हों, पंचायत में कभी विजिट क्यों नहीं करते? आखिर यह राशि काम किए बिना पहले ही कैसे निकाल ली गई?

इस मामले में किसी न किसी की जवाबदेही तय करना आवश्यक है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही ना हो।