केसली के लाल समरदीप राठौर का भव्य स्वागत, भारतीय सेना में सेवा का सपना हुआ साकार

सागर जिले के केसली नगर के युवा समरदीप राठौर ने भारतीय सेना में शामिल होकर क्षेत्र का मान बढ़ाया है। अपनी कठोर और अनुशासित सैन्य ट्रेनिंग पूरी करने के बाद जब समरदीप पहली बार अपने गृह नगर लौटे, तो पूरे क्षेत्र में गर्व और उत्साह की लहर दौड़ गई। उनके प्रथम आगमन को यादगार बनाने के लिए परिवार ने घर को विशेष रूप से सजाया।

स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा को नमन

नगर में प्रवेश करते ही समरदीप ने विवेकानंद चौराहे पर स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। इसके बाद युवाओं और ग्रामीणों के विशाल हुजूम के साथ पैदल अपने घर की ओर बढ़े। रास्ते भर 'भारत माता की जय' और 'वंदे मातरम' के उद्घोष से पूरा इलाका गूंज उठा।

बारिश में भी नहीं थमा स्वागत का जोश

भारी बारिश के बावजूद क्षेत्र के युवा और ग्रामीण समरदीप के स्वागत के लिए सड़कों पर उमड़ पड़े। देशभक्ति गीतों पर थिरकते हुए अग्निवीर का भव्य जुलूस निकाला गया। जगह-जगह पुष्पवर्षा और आतिशबाजी के साथ समरदीप का अभिनंदन किया गया।

भावुक हुआ परिवार का स्वागत

  • दादा और पिता का गर्व: समरदीप को सैन्य वर्दी में देखकर पिता राजेश राठौर और दादा विनोद राठौर की आंखों से खुशी के आंसू छलके। दादा ने पोते को सीने से लगाकर आशीर्वाद दिया।
  • चाचा और परिजनों का दुलार: चाचा राकेश और रमेश राठौर, चाची तथा भाई-बहनों ने पलक-पांवड़े बिछाकर स्वागत किया। परिजनों ने आरती उतारकर, तिलक लगाकर और मिठाई खिलाकर इस ऐतिहासिक पल का जश्न मनाया।

"देश की रक्षा से बड़ा कोई धर्म नहीं है। समरदीप ने न सिर्फ हमारे परिवार का, बल्कि पूरे केसली और सागर जिले का नाम रोशन किया है। भारी बारिश में भी जिस तरह पूरे गांव ने प्यार दिया है, उससे हमारा सीना गर्व से चौड़ा हो गया है।" — राजेश राठौर (अग्निवीर समरदीप के पिता)

क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत

समरदीप राठौर की मेहनत और लगन ने उन्हें केसली और आसपास के ग्रामीण अंचलों के युवाओं के लिए एक मिसाल बना दिया है। ग्रामीणों का मानना है कि समरदीप की इस सफलता से गांव के अन्य युवाओं को भी भारतीय सशस्त्र बलों में शामिल होकर देश सेवा करने की प्रेरणा मिलेगी।