सागर में दोहरे अनुभव: शहर में राहत, ग्रामीण इलाकों में 'आसमानी आफत'

केसली (सागर): शनिवार की शाम सागर जिले में दो विपरीत अनुभव लेकर आई। जहां एक ओर शहर में बारिश ने उमस और गर्मी से राहत दी, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्रों में यह बारिश 'आसमानी आफत' बनकर बरसी।

शाम करीब 6 बजे अचानक काले बादलों ने आसमान को घेर लिया और तेज गड़गड़ाहट के साथ बारिश और ओलावृष्टि शुरू हो गई। देर रात तक मौसम का यह तांडव जारी रहा।

ओलों की मार से फसलें प्रभावित

जिले के विभिन्न क्षेत्रों, विशेषकर जैसीनगर, बिलहरा, गौरझामर और केसली तहसील के कुछ गांवों में करीब 10 मिनट तक चने और बेर के आकार के ओले गिरे। इस ओलावृष्टि ने फसलों को गंभीर रूप से प्रभावित किया।

  • खड़ी फसल को नुकसान: देरी से बोवनी करने वाले किसानों की गेहूं की फसल खड़ी थी, जो ओलों के कारण जमीन पर बिछ गई।
  • खलिहानों में तबाही: कई गांवों में थ्रेसिंग के लिए खलिहानों में रखी फसल भीगने और ओलों की मार से खराब हो गई।

शहर का मौसम हुआ सुहावना

ग्रामीण क्षेत्रों में मची तबाही के विपरीत, सागर शहर में मौसम खुशनुमा हो गया। अप्रैल की शुरुआत में लोगों को गर्मी की आशंका थी, लेकिन इस बारिश ने तापमान में गिरावट लाकर राहत दी।

अगले 48 घंटे रहें सावधान

मौसम विभाग के अनुसार, वायुमंडल में बने दबाव के कारण अगले दो दिनों तक मौसम ऐसा ही बना रह सकता है। विभाग ने जिले के कुछ हिस्सों में फिर से गरज-चमक के साथ बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई है।

किसानों के लिए सलाह: किसानों को सलाह दी गई है कि यदि संभव हो तो कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर रखकर ढक दें।

यह मौसम परिवर्तन सागर जिले के लिए एक गंभीर चेतावनी है, जहां एक ओर मौसम की राहत है, वहीं दूसरी ओर कृषि क्षेत्र को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।