त्यौंथर बाजार के बस स्टैंड में एक दुकानदार पर वकील और उनके साथी द्वारा दुकान के भीतर घुसकर की गई मारपीट की घटना से नगर में हड़कंप मच गया। इस घटना के बाद पीड़ित दुकानदार ने थाने में शिकायत दर्ज करने का प्रयास किया, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने उसकी शिकायत को अनसुना कर दिया।

पुलिस पर आरोप: पीड़ित का कहना है कि चौकी प्रभारी ने आरोपियों को बचाने के उद्देश्य से उसकी रिपोर्ट में हेरफेर की। आरोप है कि पीड़ित से जबरन मनगढ़ंत रिपोर्ट पर हस्ताक्षर करा लिए गए। पुलिस की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए पीड़ित ने उच्च अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है।

व्यापारियों में आक्रोश: घटना से स्थानीय व्यापारियों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि यदि पीड़ित के साथ न्याय नहीं हुआ तो वे अपनी दुकानें बंद कर सड़क पर उतरने को मजबूर होंगे।

तनाव का माहौल: घटना के बाद से क्षेत्र में तनाव का माहौल व्याप्त है। पुलिस की भूमिका पर उठे सवालों के बीच यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या पीड़ित को न्याय मिलेगा।

क्या इस घटना में पुलिस की निष्पक्षता पर सवाल उठाना जायज है? क्या पीड़ित को न्याय मिल पाएगा? इन सवालों के जवाब आने वाले समय में स्पष्ट हो सकेंगे।