गुना: मॉडल टाउन कॉलोनी में जलभराव का संकट, कलेक्ट्रेट पहुंचे रहवासी; आंदोलन की चेतावनी

 गुना के वार्ड 22 में नगर पालिका की बड़ी लापरवाही: नाले की सफाई न होने से मंडराया बाढ़ और जहरीले जीवों का खतरा, कलेक्टर से गुहार

 मध्य प्रदेश के गुना जिले से इस वक्त की एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहाँ प्रशासनिक उदासीनता और नगर पालिका की लापरवाही के कारण एक पूरी कॉलोनी के अस्तित्व पर संकट मंडरा रहा है। मानसून सिर पर है, लेकिन गुना के वार्ड नंबर 22, मॉडल टाउन कॉलोनी के हालात जस के तस बने हुए हैं। आज कॉलोनी के परेशान रहवासियों ने एकजुट होकर कलेक्टर महोदय को एक ज्ञापन सौंपा है। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला।

गुना के इंडस्ट्रियल एरिया उद्योग विभाग की जमीन से लगी मॉडल टाउन कॉलोनी (हीरो शोरूम के पीछे, वार्ड क्र. 22) के निवासी पिछले लंबे समय से नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। रहवासियों का आरोप है कि उद्योग विभाग द्वारा यहाँ स्थित नाले पर पुलिया का निर्माण कर पाइप तो डाल दिए गए, लेकिन देखरेख के अभाव में इस नाले में अत्यधिक कचरा भर चुका है।

पाइप चोक होने और कचरे के अंबार के कारण पानी की निकासी पूरी तरह ठप हो गई है। रहवासियों ने बताया कि पिछले वर्ष भी मानसून के दौरान इसी लापरवाही के कारण घरों में गंदा पानी घुस गया था, जिससे लोगों का लाखों रुपए का घरेलू सामान बर्बाद हो गया था।

गंदगी और जहरीले जीवों का बढ़ा आतंक

स्थानीय निवासियों का कहना है कि जलभराव के कारण न सिर्फ आर्थिक नुकसान हो रहा है, बल्कि पानी जमा रहने से क्षेत्र में डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारियों और सांप-बिच्छू जैसे जहरीले कीड़ों का आतंक अत्यधिक बढ़ गया है। इससे कॉलोनी के बच्चों और बुजुर्गों की जान-माल का खतरा चौबीसों घंटे बना रहता है।

पार्षद मौन, सफाईकर्मी गायब!

कॉलोनी वासियों ने नगर पालिका प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि:

"हमारी कॉलोनी में नगर पालिका का कोई भी सफाईकर्मी सफाई करने नहीं आता, जिससे चारों तरफ गंदगी का साम्राज्य है। इस गंभीर समस्या को लेकर स्थानीय वार्ड पार्षद को भी कई बार अवगत कराया