टीकमगढ़: नगर पालिका परिषद टीकमगढ़ में दुकानों के किराये की संभावित वृद्धि को लेकर सियासत तेज हो गई है। मंगलवार को दुकानदारों के साथ भाजपा पार्षदों ने शहर में रैली निकालते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान नगर पालिका अध्यक्ष और सीएमओ के खिलाफ नारेबाजी करते हुए ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें किराया वृद्धि प्रस्ताव को सात दिनों के भीतर निरस्त करने की मांग की गई।
दुकानदारों का कहना है कि वे वर्षों से अनुबंध के अनुसार नियमित रूप से किराया जमा करते आ रहे हैं। हाल ही में उन्हें जानकारी मिली कि 23 दिसंबर को हुई नगर पालिका परिषद की बैठक में एक समिति गठित कर दुकानों का किराया बाजार मूल्य के आधार पर तय करने का प्रस्ताव पारित किया गया है। व्यापारियों का आरोप है कि इस प्रस्ताव के जरिए नियमों को ताक पर रखकर किराये में 20 गुना से अधिक बढ़ोतरी की तैयारी की जा रही है, जो पूरी तरह अन्यायपूर्ण है।
व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि एकतरफा और नियमविरुद्ध किराया वृद्धि वापस नहीं ली गई, तो वे कानूनी कार्रवाई करेंगे। उनकी प्रमुख मांग है कि वर्तमान समिति को भंग कर नई समिति में व्यापारियों को प्रतिनिधित्व दिया जाए और नियमानुसार अधिकतम 5 से 10 प्रतिशत तक ही किराया बढ़ाया जाए।
नपाध्यक्ष मालिक का पलटवार: भाजपा पार्षद भ्रम फैला रहे हैं
नगर पालिका अध्यक्ष पप्पू मालिक (अब्दुल गफ्फार) ने भाजपा पार्षदों के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि भाजपा पार्षद जानबूझकर दुकानदारों में भ्रम और डर का माहौल बना रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि परिषद की बैठक में किराया बढ़ाने की कोई राशि तय नहीं की गई है।
अध्यक्ष पप्पू मालिक ने कहा कि समिति का गठन सभी पक्षों को सुनकर संतुलित और न्यायसंगत निर्णय लेने के लिए किया गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि बैठक में भाजपा पार्षदों ने क्यों कोई आपत्ति या विरोध नहीं जताया।
उन्होंने कहा कि भाजपा पार्षद राजनीतिक लाभ के लिए व्यापारियों को गुमराह कर रहे हैं और समिति दुकानदारों के हितों को ध्यान में रखकर ही निर्णय लेगी। 20 गुना किराया बढ़ाने की बातें फैलाना पूरी तरह झूठ और भ्रामक है।
नपाध्यक्ष पप्पू मलिक ने भरोसा दिलाया कि नगर पालिका व्यापारियों के साथ अन्याय नहीं होने देगी और नियमों के दायरे में रहते हुए ही कोई फैसला लिया जाएगा।
कुल मिलाकर, नगर पालिका की प्रस्तावित समिति और भाजपा पार्षदों के विरोध के बीच किराये का मुद्दा अब राजनीतिक रंग ले चुका है। एक ओर व्यापारी असमंजस में हैं, तो दूसरी ओर अध्यक्ष पप्पू मालिक ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल किराया वृद्धि को लेकर कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है और भ्रम फैलाने वालों से सावधान रहने की जरूरत है।
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